आज ‘सर्वपितृ अमावस्या-पितृ विसर्जन’, जानिए क्या है इसका महत्व

सर्वपितृ अमावस्या, पितृ विसर्जन, महालय, importance, समापन, 8 अक्टूबर 2018, समाचार, news

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: आज पितृपक्ष का समापन होने जा रहा है. जी हां, कृष्ण अमावस्या को सर्वपितृ श्राद्ध अमावस्या के साथ होता है. इस साल यह अमावस्या 8 अक्टूबर 2018 को पड़ेगी. सर्वपितृ श्राद्ध महालय 8 अक्टूबर को होगा क्योंकि 8 अक्टूबर दिन सोमवार को दिन में 10 बजकर 47 मिनट के बाद अमावस्या तिथि लग जायेगी जो 9 अक्टूबर दिन मंगलवार को दिन में 09:10 बजे तक ही रहेगी.

अगर कोई परिवार अपने पितर का श्राद्ध तिथि विशेष को ना कर पाया हो या श्राद्ध की तिथि मालूम ना हो, तो सर्वपितृ अमावस्या को श्राद्ध कर सकता है.

पितृ पक्ष के आखिरी दिन का काफी महत्व होता है, क्योंकि इस दिन कुछ कार्यों को करने से श्राद्ध करने का पुण्य नहीं मिल पाता है. आइए, आपको बताते हैं कि सर्वपितृ अमावस्या को कौन से काम नहीं करने चाहिए.

1.पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध कर्म करने वाले व्यक्ति को आखिरी दिन पान नहीं खाना चाहिए और ना ही शरीर पर तेल लगाना चाहिए.

2.सर्व पितृ अमावस्या के दिन श्राद्ध कर्म करने वाले व्यक्ति को गुस्सा नहीं करना चाहिए.

3.श्राद्ध में चना, मसूर, उड़द, सत्तू, मूली, काला जीरा, खीरा, बासी या अपवित्र फल या अन्न का उपयोग नहीं करना चाहिए.

4.बिना संकल्प के श्राद्ध पूरा नहीं माना जाता, इसलिए अंतिम दिन हाथ में अक्षत, चंदन, फूल और तिल लेकर पितरों का तर्पण करें.

5.पितृ पक्ष के अंतिम दिन ब्राह्मणों और गरीबों को भोजन कराना शुभ माना जाता है और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*