नवरात्रि के अंतिम दिन ऐसे करें मां सिद्धिदात्री की पूजा, जानिए कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त 

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: शारदीय नवरात्रि की महानवमी आज यानी 7 अक्टूबर को है. नवरात्रि के अंतिम दिन मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरुप की पूजा की जाती है. वहीं इस दिन कन्याओं को भोजन कराकर लोग अपना व्रत खोलते हैं. मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरुप  को सभी सिद्धियों को पूर्ण करने वाला माना जाता है। ऐसा भी माना जाता है. कहा जाता है कि खुद भगवान शिव ने इनकी उपासना कर परम सिद्धि प्राप्त की थी.

मां सिद्धिदात्री का स्वरूप :

नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है, जिनका वाहन सिंह हैं. ये कमल के पुष्प पर भी विराजमान है. इनकी कृपा से ही भगवान शिव का आधा शरीर देवी का हुआ था. जिससे भगवान शिव अर्द्धनारीश्वर कहलाए. इनके दायें तरफ नीचे वाले हाथ में चक्र, ऊपर वाले हाथ में गदा तथा बायीं तरफ के नीचे वाले हाथ में शंख और ऊपर वाले हाथ में कमल का फूल है. मां दुर्गा के इस स्वरूप की पूजा करने से सभी प्रकार की सिद्धियों की प्राप्ति होती है.

नवमी में पूजा का शुभ मुहूर्त 
नवमी तिथि: 07 अक्‍टूबर 2019
नवमी तिथि प्रारंभ: 06 अक्‍टूबर 2019 को सुबह 10 बजकर 54 मिनट से
नवमी तिथि समाप्‍त: 07 अक्‍टूबर 2019 को सुबह 12 बजकर 38 मिनट तक

नवमी  यानी कि 07 अक्‍टूबर 2019 को कन्‍या पूजन का शुभ मुहूर्त
सुबह 10 बजकर 42 मिनट से 12 बजकर 09 मिनट तक.

पूजा विधि-

नवरात्रि के आखिरी दिन मां के इस रूप की पूजा कर उनकी विदाई कर दी जाती है.इस दिन पूजा करने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान कर स्वच्छ हो जाएं. इसके बाद मां के इस रूप की प्रतिमा की पूजा करें उन्हें फल, फूल, माला आदि चीजें अर्पित करें. अंत में मां की कथा सुन उनकी आरती उतारें. इस दिन कन्या पूजन भी किया जाता है. घर में छोटी-छोटी कन्याओं को बुलाकर उनका पूजन करें, उन्हें भोजन कराकर दक्षिणा दें और अंत में उनका पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त करें.

कन्या पूजन और हवन का सही समय –

इस साल नवरात्रि में नवमी तिथि महा-अष्टमी के दिन से ही लग चुकी है. 6 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 54 मिनट पर नवमी के शुरू होने की तिथि है. जबकि 7 अक्टूबर को दोपहर 12.38 बजे पर नवमी तिथि समाप्त हो जाएगी. यानी आपको दोपहर 12.30 मिनट से पहले कन्या पूजन और हवन का कार्य संपन्न कर लेना चाहिए.

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