इस करवाचौथ जल्द निकलेगा चांद, जानिए सही समय और महत्व

लाइव सिटीज डेस्क: करवाचौथ का व्रत हिन्दू धर्म कि सुहागिन महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण व्रत है. आज करवाचौथ है. आज के दिन महिलाएं भूखी-प्यासी रहकर माता गौरी और भगवान शंकर से अपने पति की लंबी आयु और सुखी जीवन की कामना करती हैं. करवा चौथ में चांद का विशेष महत्व होता है. इस दिन चाँद के दर्शन और उसकी पूजा करने के बाद ही महिलाएं अपना व्रत खोलती हैं.

करवाचौथ से जुड़ी ख़ास जानकारियां:

करवा चौथ की रात यानी 17 अक्टूबर को चांद रात के 8 बजकर 16 मिनट पर निकलेगा. हालांकि अलग- अलग शहरों में चांद के निकलने में थोड़ा बहुत अंतर हो सकता है. पूजा का मुहूर्त शाम 5:50 से 07:05 तक का है. पूजा मुहूर्त की कुल अवधि 1 घंटा 15 मिनट की होगी. करवा चौथ व्रत समय सुबह 06:23 बजे से रात 08:16 तक का होगा यानी कि व्रत की कुल अवधि 13 घंटे 53 मिनट कि होगी.

ज्योतिषियों के अनुसार इस बार करवा चौथ पर चंद्रमा और गुरु का दृष्टि संबंध होने से गजकेसरी राजयोग बन रहा है. इन दोनों ग्रहों पर इस बार किसी भी अन्य ग्रह की दृष्टि नहीं पड़ने से पूर्ण राजयोग बन रहा है. इससे पहले 12 अक्टूबर 1995 को करवा चौथ पर पूर्ण राजयोग बना था.

मान्यता है कि किसी भी नए काम की शुरूआत या त्योहार-व्रत में शुभ ग्रहों के योग में की गई पूजा से विशेष फल प्राप्त होता है. गुरुवार और करवा चौथ के संयोग से इस व्रत का फल कई गुना बढ़ जाएगा. जिस कारण से पति-पत्नी में प्रेम बढ़ेगा. राजयोग में पूजा करने से महिलाओं को व्रत का पूरा फल मिलेगा.

करवा चौथ व्रत में पूरे शिव परिवार की पूजा होती है. इसके अलावा चतुर्थी स्वरूप करवा की भी पूजा होती है. इस दिन खासतौर पर श्री गणेश जी का पूजन होता है और उन्हें ही साक्षी मानकर व्रत शुरू किया जाता है.

व्रत का पारण करने से पहले रखें ध्यान: 

इस बार व्रत का पारण 8:16 के बाद ही होगा. जो महिलाएं व्रत कर रहीं हैं वो ध्यान रखें कि इतने लम्बे उपवास के तुरंत बाद कोई हैवी चीज़ न खाएं. पहले सादा पानी पीकर अपना व्रत तोड़े और फिर नट्स या छेने कि मिठाई लेकर काप सामान्य भोजन कर सकती हैं. ऐसा करने से आपको कमजोरी महसूस नहीं होगी और आपकी पाचन क्रिया में भी कोई परेशानी नहीं होगी.

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