जानें 2021 में कब मनाया जाएगा गंगा दशहरा का पर्व, क्या है इसका महत्व

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क: सृष्टि के निर्माता ब्रह्मा जी के कमंडल से राजा भागीरथ द्वारा देवी गंगा को धरती पर अवतरित करने के दिवस को गंगा दशहरा के नाम से जाना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार पृथ्वी पर अवतार से पहले गंगा नदी स्वर्ग का हिस्सा थीं. गंगा दशहरा के दिन भक्त देवी गंगा की पूजा करते हैं. मान्यता है इस दिन मां गंगा की पूजा करने से भगवान विष्णु की अनंत कृपा प्राप्त होती है. यह माना जाता है कि जब मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुईं तो वह ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि थी, तभी से इस तिथि को गंगा दशहरा के रूप में मनाया जाता है.  ज्योतिषाचार्यों के अनुसार जिसे अपने किये का पश्चाताप है और इससे मुक्ति पाना चाहता है तो उसे सच्चे मन से मां गंगा की पूजा अवश्य करनी चाहिये. इस वर्ष लॉकडाउन और कोरोना को देखते हुए घर मे ही स्वच्छ जल में थोड़ा गंगा जल मिलाकर मां गंगा का स्मरण कर उससे भी स्नान कर सकते हैं.

गंगा दशहरा का महत्व:

गंगा दशहरा के दिन ही मां गंगा स्वर्ग से उतरकर पृथ्वी पर हुई थी इसलिए इस तिथि को गंगा जयंती के रुप में भी मनाया जाता है. इस पर्व को महापुण्यकारी माना गया है. गंगा दशहरा के दिन पवित्र नदी में स्नान और दान करने से कई महायज्ञों के फल के बराबर फल की प्राप्ति होती है. मान्यता है कि गंगा दशहरा पर गंगा नदी में डुबकी लगाने से पाप कर्मों का नाश होता है और व्यक्ति को इस जन्म के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस दिन सत्तू, मटका और हाथ का पंखा दान करना बहुत शुभफलदायी माना जाता है.

गंगा दशहरा का शुभ मुहूर्त:

गंगा दशहरा का पावन पर्व 20 जून को मनाया जाएगा.

 ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष दशमी तिथि आरंभ- 19 जून 2021, शनिवार को शाम 06 बजकर 50 मिनट से

 ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष दशमी तिथि समाप्त- 20 जून 2021 को, रविवार को शाम 04 बजकर 25 मिनट पर 

गंगा दशहरा पूजा विधि:

 गंगा दशहरा के दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठकर नित्यकर्म करके गंगा में स्नान करना चाहिए.

इस समय कोरोना को देखते हुए घर पर ही पानी में गंगाजल डालकर स्नान कर सकते हैं.

 स्नान करने के पश्चात सूर्योदय के समय एक लोटे में जल लेकर उसमें थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें.

 अब मां गंगा का ध्यान करते हुए गंगा के मंत्रों का जाप करें.

पूजन और जाप पूर्ण होने के बाद मां गंगा की आरती करें और गरीब और जरूरत मंद ब्रह्माणों को यथाशक्ति दान दें.