आज से शुरू हो रही है पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा, जानिए क्या है इसका महत्व

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क: हर साल की भांति इस साल भी ओड़िसा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा आज निकल रही है. 4 जुलाई को धूमधाम  से भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाएगी. इसके लिए तीर्थ नगरी पुरी में सुरक्षा के पुख्‍ता इंतजाम किए गए हैं. आज भगवान जगन्‍नाथ को रीति रिवाजों के साथ पुरी में रथ पर सवार किया जाएगा. रथयात्रा को लेकर भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद औरप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को बधाई दी है. वहीं अहमदाबाद में देश के गृह मंत्री अमित शाह ने भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना की है.

आपको बता दें कि भगवान जगन्नाथ जी की मुख्य लीला भूमि उड़ीसा की पुरी है जिसको पुरुषोत्तम पुरी भी कहा जाता है. राधा और श्रीकृष्ण की युगल मूर्ति के प्रतीक स्वयं श्री जगन्नाथ जी हैं और कृष्ण भी उनका एक अंश हैं. उड़ीसा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की काष्ठ की अर्धनिर्मित मूर्तियां स्थापित हैं, जिनका निर्माण राजा इन्द्रद्युम्न ने कराया था .

भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को जगन्नाथपुरी में आरंभ होती है और दशमी तिथि को समाप्त होती है. रथयात्रा में सबसे आगे ताल ध्वज पर श्री बलराम, उसके पीछे पद्म ध्वज रथ पर माता सुभद्रा व सुदर्शन चक्र और अंत में गरुण ध्वज पर श्री जगन्नाथ जी सबसे पीछे चलते हैं. पुरी में भगवान जगन्‍नाथ का रथ शाम 4 बजे खींचा जाएगा. इसके पहले गुरुवार सुबह से ही पूजा-अर्चना शुरू हो जाएगी. पुरी में भगवान जगन्‍नाथ, बलराम और सुभद्रा के तीन अलग-अलग रथ तैयार हो चुके हैं. तीनों भगवान के रथ खींचने के लिए दुनियाभर से हजारों श्रद्धालु पुरी पहुंचे हैं.

भगवान जगन्नाथ दूर करते हैं सारे कष्ट- 

आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को जगन्नाथपुरी में निकलने वाली रथयात्रा का बहुत महत्त्व है.  भगवान जगन्नाथ आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से दशमी तक जनसामान्य के बीच रहते हैं. इसी समय मे उनकी पूजा करना और प्रार्थना करना विशेष फलदायी होता है. इस बार भगवान की रथयात्रा 04 जुलाई से आरम्भ होगी. इसी समय मे भगवान की रथ यात्रा मे शामिल हों, साथ ही भगवान जगन्नाथ की उपासना करें. अगर आप मुख्य रथयात्रा में भाग नहीं ले सकते तो किसी भी रथ यात्रा में भाग ले सकते हैं. अगर यह भी सम्भव नहीं है तो घर पर ही भगवान जगन्नाथ की उपासना करें, उन्हें भोग लगायें और उनके मन्त्रों का जाप करें.ऐसा करने से हर मनोवांछित फल प्राप्त होते हैं और भगवान जगन्नाथ भक्तों के बीच में जाकर उनके सभी कष्टों को हरते हैं.

 

 

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