लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क:  माघ मास का दूसरा प्रमुख स्नान पर्व मकर संक्रांति आज श्रद्धा, और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. कड़ाके की ठंड को दरकिनार करते हुए पटना के गंगा घाटों में सुबह से ही श्रद्धालु डुबकी लगाने के लिए पहुंच रहे हैं. कृष्णा घाट, एनआइटी घाट, एलसीटी घाट, काली घाट, कलेक्ट्रेट घाट, पहलेजा घाट दीघा घाट आदि में श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं. साथ ही मंदिरों में भगवान की पूजा-अर्चना के साथ तिल से बनी वस्तुओं का दान किया जा रहा है.

मकर संक्रांति के मौके पर शहरवासी पतंगों की डोर से आसमान को नापते नजर आएंगे. पर्व के खास मौके को देखते हुए मंगलवार को शहर के अलग-अलग हिस्सों में पतंग की दुकानों पर खूब रौनक रही. बाजार में मोटू-पतलु और डोरिमोन की तस्वीरों वाली पतंगों को पसंद किया जा रहा है. दुकानदार ने बताया कि पहले की अपेक्षा पतंग की मांग कम हुई है. प्लेन और प्लास्टिक वाली पतंग की मांग दिख रही है. केवल पतंग की कीमत 30 रुपये है.

संक्रांति के दिन भगवान सूर्य का राशि परिवर्तन होगा. सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे. शास्त्रों में उत्तरायण की अवधि को देवताओं का दिन और दक्षिणायन को देवताओं की रात के तौर पर माना जाता है. बुधवार को भगवान सूर्य 7:52 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे. बुधवार को शोभन योग में मकर संक्रांति का पर्व लोग मनाएंगे. लोग संक्रांति पर गंगा स्नान करने के साथ दान-पुण्य करने के साथ मंदिरों में भगवान की पूजा-अर्चना कर रहे है.

तिल का प्रयोग, सूर्य का पूजन 
मकर संक्रांति के दिन सूर्य चालीसा, सूर्य सहस्त्रनाम, आदित्य हृदय स्त्रोत सूर्य मंत्रादि का पाठ करना चाहिए. इस दिन पानी में तिल डालकर नहाना, उबटन लगाना, तिल युक्त जल से पितरों को तर्पण करना, अग्नि में तिल का होम करना, तिल का दान करना और तिल का सेवन करना फलदायी माना गया है.