शारदीय नवरात्र: अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन करने की है परंपरा, जानिए

लाइव सिटीज डेस्क: रविवार, 6 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी और सोमवार, 7 अक्टूबर को दुर्गा नवमी है. इन तिथियों पर छोटी कन्याओं की पूजा करने की परंपरा है. छोटी बालिकाओं को देवी का स्वरूप माना जाता है, इसीलिए नवरात्रि में इनकी विशेष पूजा की जाती है, भोजन कराया जाता है और अपने सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा के साथ उपहार भेंट किए जाते हैं.

नवरात्रि या नवरात्र के आठवें दिन अष्‍टमी मनाई जाती है. इस बार अष्‍टमी 06 अक्‍टूबर को है:



अष्‍टमी की तिथि और शुभ मुहूर्त
अष्‍टमी की तिथि: 06 अक्‍टूबर 2019
अष्‍टमी तिथि प्रारंभ: 05 अक्‍टूबर 2019 को सुबह 09 बजकर 51 मिनट से
अष्‍टमी तिथ समाप्‍त: 06 अक्‍टूबर 2019 को सुबह 10 बजकर 54 मिनट तक.

कन्या पूजन की विधि

– एक दिन पूर्व ही कन्‍याओं को उनके घर जाकर निमंत्रण दें.

– गृह प्रवेश पर कन्याओं का पूरे परिवार के साथ पुष्प वर्षा से स्वागत करें और नव दुर्गा के सभी नौ नामों के जयकारे लगाएं.

– अब इन कन्याओं को आरामदायक और स्वच्छ जगह बिठाएं.

– सभी के पैरों को दूध से भरे थाल या थाली में रखकर अपने हाथों से उनके पैर स्‍वच्‍छ पानी से धोएं.

– उसके बाद कन्‍याओं के माथे पर अक्षत, फूल या कुंकुम लगाएं.

– फिर मां भगवती का ध्यान करके इन देवी रूपी कन्याओं को इच्छा अनुसार भोजन कराएं.

– भोजन के बाद कन्याओं को अपने सामर्थ्‍य के अनुसार दक्षिणा, उपहार दें और उनके पुनः पैर छूकर आशीष लें.

पूजा विधि :

सबसे पहले नौ कन्याओं को अपने घर बुलाकर पानी से उनके पैरों को धोकर एक साथ बिठाएं. इसके बाद उन्हें तिलक कर उनके हाथ में कलावा बांधें. इसके बाद उन्हें खाना खिलाएं. कंजकों को गिफ्ट देने की भी प्रथा है.