सोमवती अमावस्या पर 71 साल बाद बन रहा विशेष योग, जानें क्या है महत्व

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: माघ महीने की अमावस्या तिथि चार फरवरी को है. अमावस्या के साथ-साथ सोमवती अमावस्या का अद्भुत संयोग बन रहा है. मौनी अमावस्या पर चार फरवरी को पड़ रहा है. इस बार सोमवती व मौनी अमावस्या पर महोदय योग बन रहा है. इस दिन 3 तारीख की रात्रि 22 बजकर 51 मिनट से अमावस्या सोमवार को रात्रि 12 बजकर 52 मिनट है है.इस दिन श्रवण नक्षत्र रात्रि 4.44 तक है. साथ ही श्रवण नक्षत्र, व्यतिपात योग और सर्वार्थ अमृतसिद्धि योग भी बन रहा है. हालांकि सामान्य रूप से भी सर्वार्थ अमृतसिद्धि योग विशेष होता है, लेकिन कुंभ होने से इसका महत्व और भी बढ़ गया है.

आज के दिन सोमवार भी है. इस दिन श्रवण नक्षत्र, व्यातिपात योग, सर्वार्थ अमृतसिद्धि योग व सोमवार होने से महोदय योग बन रहा है. माघ महीने में पवित्र नदियों में स्नान करना शुभ माना जाता है. इस बार 71 वर्ष के बाद महोदय योग रहा है. ग्रहों का अद्भुत संयोग अमावस्या को और भी अधिक खास बना रहा है.

ज्योतिषीय गणना के अनुसार कुंभ के दौरान महोदय योग इससे पहले नौ फरवरी 1948 के कुंभ में बना था. इतना ही नहीं अमृत का ग्रह चंद्रमा अपने ही नक्षत्र में होगा. देव गुरु और दैत्य गुरु के बीच सुंदर संबंध बने रहेंगे. राहु और वृहस्पति एक साथ होंगे और शनि व सूर्य के संबंध की वजह से मौनी अमावस्या पर्व लाभकारी सिद्ध होगा.

मौनी अमावस्या के दिन पितृ तर्पण और पितृ श्राद्ध भी अक्षय फल देते हैं. चंद्रमा का नक्षत्र श्रवण है और चंद्रमा का दिन सोमवार है. इस बार का संयोग यह है कि मौनी अमावस्या के दिन भगवान भास्कर भी चंद्रमा के नक्षत्र में प्रवेश कर सिद्धि योग बनाएंगे.

महत्व :

सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्याकहते हैं. ये वर्ष में लगभग एक अथवा दो ही बार पड़ती है. इस अमावस्या का हिन्दू धर्म में विशेष महत्त्व होता है. विवाहित स्त्रियों द्वारा इस दिन अपने पतियों के दीर्घायु कामना के लिए व्रत का विधान है. इस दिन मौन व्रत रहने से सहस्र गोदान का फल मिलता है. शास्त्रों में इसे अश्वत्थ प्रदक्षिणा व्रत की भी संज्ञा दी गयी है. अश्वत्थ यानि पीपल वृक्ष. इस दिन विवाहित स्त्रियों द्वारा पीपल के वृक्ष की दूध, जल, पुष्प, अक्षत, चन्दन इत्यादि से पूजा और वृक्ष के चारों ओर १०८ बार धागा लपेट कर परिक्रमा करने का विधान होता है और कुछ अन्य परम्पराओं में भँवरी देने का भी विधान होता है.

धान, पान और खड़ी हल्दी को मिला कर उसे विधान पूर्वक तुलसी के पेड़ को चढाया जाता है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान का भी विशेष महत्व समझा जाता है. कहा जाता है कि महाभारत में भीष्म ने युधिष्ठिर को इस दिन का महत्व समझाते हुए कहा था कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने वाला मनुष्य समृद्ध, स्वस्थ्य और सभी दुखों से मुक्त होगा. ऐसा भी माना जाता है कि स्नान करने से पितरों कि आत्माओं को शांति मिलती है.

मौनी अमावस्या के दिन चींटियों को शक्कर मिला हुआ आटा खिलाएं. इससे आपकी मनोकामना पूरी होगी. इस दिन सुबह स्नान आदि करने के बाद आटे की गोलियां बनाएं. इसके बाद किसी तालाब या नदी में जाकर ये आटे की गोलियां मछलियों को खिला दें. इस उपाय से आपके जीवन की अनेक परेशानियों का अंत हो सकता है. शाम के समय घर के ईशान कोण में गाय के घी का दीपक लगाएं. बत्ती में रूई के स्थान पर लाल रंग के धागे का उपयोग करें।जानिए आपकी राशि के लिए ये योग कैसा रहने वाला है…

मेष राशि

योजनाएं सफल होंगी. भ्रमण में समय व्यतीत हो सकता है. कुछ दिन बाद चिंता बढ़ाने वाले समाचार मिलने के योग हैं. धैर्य रखें, धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा.

वृषभ राशि

गुरु की दृष्टि राशि पर बनी हुई है. कुछ दिन बाद अचानक धन लाभ का योग बनेगा. प्रतिष्ठित लोगों से मुलाकात होगी. बेरोजगारों को नौकरी मिलने के योग बनेंगे.

मिथुन राशि

सभी कामों में सफलता मिलेगी और नए कार्यों के साथ नौकरी जिम्मेदारी बढ़ेगी. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. प्रभाव में वृद्धि होगी. धार्मिक आयोजनों में शामिल होने का मौका मिलेगा. सावधानी रखें.

कर्क राशि

भाग्य का साथ मिलेगा. आय बेहतर रहेगी. कार्य स्थल पर तनावमुक्त वातावरण के साथ सहयोग प्राप्त होगा. कुछ दिन बाद समस्याएं आ सकती हैं. पिता से विवाद हो सकता है.

सिंह राशि

समय हर तरह से अनुकूल रहेगा. आपको कुछ नए संकेत मिल सकते हैं, जो भविष्य में सफलता के द्वार खोलेंगे. काम का दबाव रहेगा, लेकिन इसे आप अच्छे से हैंडल कर सकेंगे.

कन्या राशि

राशि पर गुरु-मंगल की दृष्टि होने से संघर्ष का समय हो सकता है. अपनी बात साबित करने के लिए अत्यधिक प्रयास करने होंगे. कुछ दिन बाद समय पक्ष का हो जाएगा और सफलताएं मिलने लगेंगी.

तुला राशि

मंगल की दृष्टि और अनुकूल चंद्र की वजह से आय में भी वृद्धि करेगा. मंगल के बदलाव के बाद भी उस की दृष्टि होने से सफलता भी मिलेगी और नए कार्य भी आरंभ होंगे.

वृश्चिक राशि

समय बेहतर रखेगा. बेरोजगारों को रोजगार की प्राप्ति होगी. कारोबार में नए प्रस्ताव की प्राप्ति होगी. कुछ दिन बाद परेशानियां बढ़ सकती हैं. इस दौरान संभलकर कार्य करना होगा और धन संबंधी मामलों में सफलता प्राप्त होगी.

धनु राशि

धन की आवक उत्तम रहेगी और प्रभाव भी बना रहेगा. जमीन से लाभ होग सकता है और संतान सुख प्रदान करेगी. नए काम होंगे. स्थाई संपत्ति में वृद्धि होगी. साढ़ेसाती की वजह से कुछ बुरे समाचार भी मिल सकते हैं.

मकर राशि

बेकार की बातों में समय नष्ट होगा. अधिकतम समय घर के बाहर रहना पड़ सकता है. कुछ दिन बाद राहत महसूस करेंगे. विवादों में विजय प्राप्त होगी और सब अच्छा चलेगा. उसके बाद पुन: कुछ परेशानियां बढ़ सकती है.

कुंभ राशि

परिवार का विवाद समाप्त होगा. सम्मान प्राप्त होगा. कुछ दिन बाद आय कमजोर हो सकती है, लेकिन धीरे-धीरे समय फिर से पक्ष का हो जाएगा. मांगलिक उत्सवों में जाना पड़ सकता है. समय प्रसन्नता देने वाला होगा.

मीन राशि

मंगल का गोचर और गुरु की दृष्टि राशि पर है. चंद्रमा आय को बेहतर बनाएगा और स्वास्थ्य में लाभ होगा. पुराने अटके धन की प्राप्ति संभव है. कुछ दिन बाद परेशानी भरा समय शुरू हो सकता है.

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