तीन तलाक पर बोले रहमानी, सुप्रीम कोर्ट से फैसले की उम्मीद

फुलवारीशरीफ/पटना (अजीत) : इमारत ए शरिया बिहार के अलावा झारखंड तथा ओडिशा के अमीर ए शरियत तथा आॅल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लाॅ बोर्ड के महासचिव और इस्लामिक चिंतक हजरत सैयद वली रहमानी ने कहा कि कुरआन सैद्धांतिक और बुनियादी किताब है.

हदीस इसकी तशरीह (विस्तार ) है. इसके पहले 57 उलेमाओं और 70 हाफिजों की दस्तारबंदी की गयी. वहीं मदरसा परिसर में रवाक रहमानी भवन का भी शिलान्यास किया गया.



हजरत सैयद वली रहमानी ने कहा कि देश की वर्तमान परिस्थिति में बहत सारे मुस्लिम बुद्धिजीवी हो गये हैं, जो कुरआन की तफशीर बयान करते हैं. वैसे बुद्धिजीवी जिनको कुरआन और हदीस की जानकारी नहीं है, वह भी इस पर टीवी चैनलों और मीडिया में आकर अपनी राय रखते हैं.

अंग्रेजी भाषा का विशेषज्ञ यदि कमेस्ट्री या बायोलाॅजी पर अपनी राय रखेंगे, तो क्या उनकी राय कमेस्ट्री या बायलाॅजी के विशेषज्ञ स्वीकार करेगें. ठीक इसी तरह कुरआन और हदीस की पूरी तफशीर के लिए उलेमा के पास पूरी जानकारी हो सकती है. उलेमा की बात ही सब के लिए मान्य होगी.

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उलेमा को करायी गयी दस्तारबंदी

रहमानी ने बुखारी शरीफ की पहली और अंतिम हदीस का वर्णन करते हुए कहा कि इस्लाम नीयत पर निर्भर करता है. जैसी नीयत होगी, वैसा ही फल मिलेगा. इसलिए लोगों को चाहिए कि खुले और साफ नीयत से जिंदगी गुजारे. तीन तलाक के बारे में अमीर ए शरियत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में इसकी सुनवाई जारी है.

मुस्लिम पर्सनल लाॅ बोर्ड की ओर से वकील इस केस की पैरवी कर रहे हैं. मुझे उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इसके बारे में सही और दुरुस्त फैसला देगा. नाजीम मौलान अनिसुर्रहमान कासमी ने कहा कि कुरआन और हदीस पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शन है. कोई अगर मुल्क में धार्मिक कानून को सौंपना चाहता है, तो ठीक बात नहीं है. भारतीय संविधान में सभी लोगों को अधिकार है कि हर लोग अपने मजहब में रह कर जिंदगी गुजारें.

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संबोधित करते हजरत सैयद वली रहमानी

इसके अलावा अतीक अहमद वस्तवी, मौलाना उबैद उल्लाह असदी, मौलाना मशहूद अहमद, कादरी नदवी, नायेब नाजीम, मौलाना सनाउल्ल होदा कासमी, मौलना सोहराब नदवी ने भी अपने अपने विचार रखे. मदरसा के सचिव सह नायेब नाजीम मौलाना सुहैल नदवी ने मदरसों के क्रिया कलापों का विस्तृत जानकारी दे.

इस मौके पर हजरत अमीर ए शरियत ने दो किताब मानसिक हज और निशान ए मंजिल का अवलोकन भी किया. कार्यक्रम का संचालन मौलाना शकील अहमद ने किया.

इस अवसर पर भारी संख्या मे उलेमा के अलावा नगर उपसभापति मोशाबान, नजमुल हसन नजमी, अजमी बारी, मौलाना रिजवान नदवी, मो सरवर, इम्तियाज करीमी, इफ्तखार नेजामी समेत अन्य लोग मौजूद थे.
भवन की रखी गयी नींव