शारदीय नवरात्र आज से, जानिए कलश स्थापना का क्या है शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: आज से शारदीय नवरात्र शुरू हो रहा है, रविवार से शुरू हो रहे नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के सभी नौ रूपों की पूजा की जाती है. शारदीय नवरात्रि को मुख्‍य नवरात्रि माना जाता है. हिन्‍दू कैलेंडर के अनुसार यह नवरात्रि शरद ऋतु में अश्विन शुक्‍ल पक्ष से शुरू होती हैं और पूरे नौ दिनों तक चलती हैं. इस बार माँ दुर्गा इस बार सर्वार्थसिद्धि और अमृत सिद्धि योग में हाथी पर सवार होकर रविवार को हमारे घर पधार रही हैं.  नवरात्रि के प्रथम दिन देवी के शैलपुत्री स्वरुप की उपासना की जाती है.

कलश स्थापना की विधि
नवरात्रि में कलश स्‍थापना का विशेष महत्त्व है, इसे घट स्‍थापना भी कहा जाता है. नवरात्रि की शुरुआत घट स्‍थापना के साथ ही होती है. घट स्‍थापना शक्ति की देवी का आह्वान है. कलश स्थापना पर कुछ विशेष बात का ध्यान रखना बेहद जरुरी है.पहले मिट्टी की वेदी पर जौ को बोएं, कलश की स्थापना करें, गंगा जल रखें. इस पर कुल देवी की प्रतिमा या फिर लाल कपड़े में लिपटे नारियल को रखें और पूजन करें. दुर्गा सप्तशती का पाठ अवश्य करें. साथ ही यह भी ध्यान रखें कि कलश की जगह पर नौ दिन तक अखंड दीप जलता रहे.

कलश स्थापना का मुहूर्त क्या है?

– कलश की स्थापना आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को की जाती है

– इस बार प्रतिपदा तिथि 29 सितम्बर को प्रातःकाल से रात्रि 08.14 तक है

– इसलिए कलश की स्थापना रात्रि 08.14 के पूर्व कर ली जाएगा.

नवरात्र में इन नौ देवियों का पूजन
:
पहले दिन- शैलपुत्री
: दूसरे दिन- ब्रह्मचारिणी
: तीसरे दिन- चंद्रघंटा
: चौथे दिन- कुष्मांडा
: पांचवें दिन- स्कंद माता
: छठे दिन- कात्यानी
: सातवें दिन- कालरात्रि
: आठवें दिन- महागौरी
: नवें दिन- सिद्धिदात्री

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