गुजरात का सोमनाथ मंदिर जिसे 17 बार तोड़कर किया गया था पुर्नजीवित, 12 ज्योतिलिंगों में से एक है

लाइव सिटीज डेस्क : भारत में प्राचीन मंदिरों का एक अलग ही इतिहास रहा है. यहां छोटे से छोटे मंदिरों से कोई न कोई कहानी जुड़ी हुई है. भारत में सोमनाथ मंदिर ऐसा ही एक मंदिर है, जिसका इतिहास बेहद खास है. यह मंदिर गुजरात के सौराष्ट्र में स्थित है. भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग में से सोमनाथ मंदिर को सबसे पहला मंदिर माना जाता है.

17 बार तोड़कर किया गया पुर्नजीवित



ऋग्वेद में उल्लेख किया गया है कि सोमनाथ मंदिर का निर्माण चंद्रदेव ने किया था. इतिहासकारों के मुताबिक, सोमनाथ मंदिर को वर्ष 1024 ईसवी में महमूद गजनबी ने तहस-नहस कर दिया था. मूर्ति को तोड़ने से लेकर यहां पर चढ़े सोने-चांदी तक के सभी आभूषणों को लूट लिया था. हीरे-जवाहरातों को लूटकर अपने देश गजनी लेकर चला गया था. महमूद गजनवी के बाद कई मुगल शासकों ने सोमनाथ को खंडित कर लूटपाट की. इसे 17 बार नष्ट किया गया और हर बार इसका पुनर्निर्माण किया गया.

सोमनाथ मंदिर के अलावा घूमें यहां

आप यहां मंदिर के अलावा सोमनाथ बीच, त्रिवेणी संगम मंदिर, पांच पांडव गुफा, सूरज मंदिर जैसी कई दिलचस्प जगहों पर घूम सकते हैं. वहीं यहां पर आपको बोटिंग के साथ शाम को होने वाली भव्य आरती भी खास लगेगी.

कैसे पहुंचे : फ्लाइट से जाने के लिए आपको दीयू एयरपोर्ट सबसे नजदीक पड़ेगा. जो सोमनाथ मंदिर से 60 किलोमीटर से दूरी पर है. आप एयरपोर्ट उतरकर टैक्सी से यहां पहुंच सकते हैं.

ट्रेन से जाने के लिए आप जबलपुर, अहमदाबाद, राजकोट, पोरबंदर में से एक रेलवे स्टेशन पर उतर सकते हैं.