पहले पिलायी शराब फिर मारी थी गोली, 18 वर्षों बाद चार को मिली उम्रकैद की सजा

प्रतीकात्मक तस्वीर

सासाराम (राजेश कुमार) : दोस्तों के बीच पनपने वाली दुश्मनी में हुयी हत्या के एक मामले में मंगलवार को सासाराम के न्यायालय ने फैसला सुनाया. जगदीश प्रसाद मिश्रा की अध्यक्षता वाली फ़ास्ट ट्रैक अदालत ने सत्र वाद सं 15/2002 में कुछ दिनों पूर्व दोषी करार दिए गए चार लोगों को उम्रकैद की सजा सुनायी. सजा के अलावा सबों पर 30-30 हजार का अर्थदंड भी लगाया. सजा पाने वालों में अकोढ़ी गोला के सलेयाँ ग्राम निवासी महेंद्र सिंह व दिनेश सिंह, चांप ग्राम निवासी जगदीश कहांर के अलावा बसंतपुर निवासी धनजी यादव शामिल हैं. इन्हें सलेयाँ ग्राम के ही खूँटी पासवान उर्फ़ शिवशंकर पासवान की आज से 18 वर्ष पूर्व हुयी हत्या का दोषी पाया गया था.

सलेयाँ ग्राम निवासी मृतक के पिता रामबचन पासवान द्वारा दर्ज कराई गयी प्राथमिकी सं अकोढ़ी गोला थाना काण्ड सं 82/ 2000 के आधार पर चले अनुसंधान के क्रम में पता चला कि सजायाफ्ताओं से मृतक की दोस्ती थी. परन्तु किसी बात को लेकर उनके बीच दुश्मनी पल रही थी. जिससे मृतक अनजान था.

1 नवम्बर 2000 को मृतक के घर आये चारों साथी उसे तेतराढ बाजार चलने को कहा. मौज-मस्ती की ललक में वह उनके साथ चला गया. तेतराढ बाजार में पाँचों ने छक कर शराब पी और घर वापसी के क्रम में नशे में चूर खूँटी पासवान को गोली मारकर मौत के नींद सुला दिए. बाद में उसका शव इशरा गांव के उत्तर होकर बहने वाली काव नदी में तैरता मिला.

आज सजा के बिंदु पर हुयी सुनवाई में बचाव पक्ष के वकील ने न्यायालय में लम्बे अवधि तक चले विचारण और दोषियों की ढलती उम्र का हवाला देते हुए उन्हें कम से कम सजा देने का अनुरोध किया. जबकि अभियोजन पक्ष ने हत्या जैसे संगीन अपराध को अंजाम देने वाले दोषियों पर कोई रहम नहीं करने की दलील प्रस्तुत की. दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने चारों को आजीवन कारावास की सजा भुगतने और 30-30 हजार जुर्माना अदा करने का फैसला सुनाया.

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