पांडेय टोला हत्याकांड के 15 आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा, दो बरी

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सासाराम: सासाराम की सत्र अदालत से शुक्रवार को हुए एक फैसले में हत्या के 15 आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. विचारण में सम्मलित कुल 17 अभियुक्तों में से राकेश पांडेय एवं रामायण पांडेय के विरुद्ध साक्ष्य का अभाव पा कर उन्हें बाइज्जत बरी कर दिया गया. रोहतास जिले के करगहर थानाक्षेत्र के पांडेटोला ग्राम में 5 जनवरी 2006 को मारपीट व गोलीबारी की घटना में गांव के शशिकान्त पांडेय नामक युवक की हत्या कर दी गयी थी.
मृतक शशिकान्त के पिता स्वामीनाथ पांडेय के बयान पर करगहर थाने में कुल 17 नामजदों के विरुद्ध हत्या और जानलेवा हमला के प्रयास के आरोप में कांड सं. 3/2006 दर्ज हुआ था. अनुसंधान के बाद पुलिस ने सभी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दायर किया था. एक दशक पूर्व जिले के चर्चित रहे पांडेय टोला हत्याकांड के आज होने वाले सनसनीखेज फैसले को सुनने जिले के विभिन्न इलाकों से सैकड़ों की तादात में लोग कचहरी परिसर में जमा थे.
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सत्र वाद सं 360/2007 के तहत न्यायालय में चली 10 वर्षों की सुनवाई के बाद पिछले हफ्ते सत्र न्यायाधीश प्रभुनाथ सिंह की अदालत ने 15 लोगों को शशिकांत पांडेय की हत्या, उसके कई परिजनों पर जानलेवा हमला करने और अवैध शस्त्रों का उपयोग करने के लिए दोषी पाया था.
आज सजा के बिंदु पर हुई सुनवाई के बाद न्यायालय ने श्रीराम पांडेय, धर्मेन्द्र पांडेय, अयोध्या पांडेय, दयाशंकर पांडेय, मिथिलेश पांडेय, अरविन्द पांडेय, पवन पांडेय, परशुराम पांडेय, धनञ्जय पांडेय, रमाशंकर पांडेय, राम प्रवेश पांडेय, हरिशंकर पांडेय, दीपक पांडेय, अनिल पांडेय एवं आशुतोष पांडेय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. सजा के अलावा तमाम सजायाफ्ता लोगों पर जुर्माने भी आरोपित किए गए हैं.

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