बॉडीगार्ड ने ही गोलियों से भून दिया था धनजी को, हुई नामजद FIR

सासाराम : राज्य में कभी प्रतिबंधित रणवीर सेना के नायक की पहचान से उभरा धनजी सिंह का अंत माफियागिरी में ही हुआ. अंत भी करने वाले अपने ही निकले. वे जिनपर उसने अपनी सुरक्षा का जिम्मा सौंप रखा था. मंगलवार की रात सासाराम मुफस्सिल थाना क्षेत्र के दुर्गापुर गांव के पास दो लोगों के साथ हुयी धनजी की हत्या की गुत्थी धीरे—धीरे सुलझने लगी है. तब है कि उसकी हत्या में कही न कही गैंगवार की भूमिका भी रही है. इसी को लेकर धनजी की पत्नी किरण देवी के बयान पर सासाराम मुफस्सिल थाने में 8 लोगों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज की गयी है. शामिल अपराधियों और गायब हुए हथियारों की खोज में पुलिस जुट गयी है.

मिली जानकारी के अनुसार कई संगीन अपराधों के आरोप में काफी समय तक जेल में रहा धनजी हाल के वर्षों में जेल से छूटा था. जेल से छूटते ही उसने अपनी पुरानी सेना नायक की पहचान बदल कर जिले में चलने वाले अवैध पत्थर-बालू खनन की माफियागिरी में संलिप्त हो गया. उक्त गोरखधंधे में पैर जमाने के लिए उसकी पुरानी पहचान कारगर साबित हुयी. कुछ ही दिनों में इन धंधों में उसकी अच्छी खासी पैठ बन गयी. गिट्टी –बालू लदे ट्रकों से रंगदारी वसूली होने लगी. बालू के धंधे में पहले से पैठ जमाये माफिया गिरोह को यह बात नागवार गुजरी. इसी बीच अपने साम्राज्य को व्यापक बनाने के लिए हथियारों की आवश्यकता को बक्सर जिले के कुछ दागदार लोगों का समर्थन हासिल हो गया. अब उसके पास स्कॉर्पियो-बोलेरो जैसी गाड़ियां आ गईं.

गाड़ियों में हथियारबंद दस्ते के साथ चलने वाले धनजी की तड़क—भड़क देख हथियार बंद अंगरक्षक उपलब्ध कराने वाली बक्सर की पार्टी ने अपना हथियार वापस लेना चाहा. पर हथियार प्रेमी रहे धनजी को तो दूसरों का हथियार पचाने की पुरानी आदत थी. पूर्व में भी सेना प्रमुख मुखिया जी द्वारा उपलब्ध कराये गए हथियार को वापस लेने के लिए काफी पापड़ बेलने पड़े थे. पर इस बार हथियार उपलब्ध कराने वाले खुद ही शातिर थे. उसमें भी पत्थर– बालू माफियाओं के प्रतिस्पर्धी ग्रुप ने धनजी को निशाने पर टिका रखा था. यहां के माफियाओं ने बक्सर वाली पार्टी से संबंध साधा और धनजी की हत्या की साजिश रची. इस साजिश में धनजी के अंगरक्षकों को भी पैसे की लालच देकर शामिल किया गया.

बताते हैं कि कल धनजी हथियार बंद गिरोह के साथ डेहरी के किसी बालू माफिया को समझाने जा रहा था. गाड़ी में पीछे बक्सर वाले 6 अंगरक्षक बैठे थे जबकि बीच वाली सीट पर मारे गए तीनों थे. आगे दो लोग थे जो बक्सर और सिवान के थे. कहते हैं, एकाएक पीछे बैठे अंगरक्षकों ने अपने हथियारों से बीच में बैठे धनजी और उनके दो सहयोगियों पर गोलियां बरसाना शुरू कर दिया. बाद में दिखावा के लिए हवाई फायरिंग की. उनका शव वहीं फेंककर हथियार लेकर गाड़ी से निकल भागे.

सासाराम मुफस्सिल के थानाध्यक्ष जग निवास सिंह ने बताया कि इस संबंध में नामजद किये गए लोगों में जयपुर गांव के बहादुर सिंह के पुत्र गुड्डू सिंह के अलावे चुरामनपुर बक्सर के चन्दन गुप्ता, बबली कुमार, चन्दन यादव, अभिषेक कुमार, रौशन कुमार, अनिश कुमार मिश्र के अलावा सिवान जिले के अमित कुमार मिश्र के नाम शामिल हैं.

इसे भी पढ़ें :

धनतेरस में करें रॉयल जूलरी की शॉपिंग, कलेक्शन लाए हैं चांद बिहारी ज्वैलर्स

स्मार्ट बनिए आ रही DIWALI में, अपने Love Bird को दीजिए Diamond Jewelry

PUJA का सबसे HOT OFFER, यहां कुछ भी खरीदें, मुफ्त में मिलेगा GOLD COIN

RING और EARRINGS की सबसे लेटेस्ट रेंज लीजिए चांद​ बिहारी ज्वैलर्स में, प्राइस 8000 से शुरू

(लाइव सिटीज मीडिया के यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*