तेज आंधी के साथ गिरे ओले से गेहूं समेत फलों के फसल हुए तबाह

समस्तीपुर: जिले के अधिकांश क्षेत्रों में कल यानि शनिवार को आयी तेज आंधी व इसके साथ ओला गिरने से किसानों को करोड़ों का नुकसान हुआ है. आज जब रविवार को किसानों ने नुकसान का आंकलन करना शुरू किया है तो इसका आंकड़ा करोड़ों का लगाया जा रहा है. जिले के ताजपुर, मुसरीघरारी, समस्तीपुर, सरायरंजन, रोसड़ा, कल्याणपुर, वारिसनगर, मोरवा समेंत कई प्रखंडों में लगभग डेढ़ घंटे तक चली तेज आंधी एवं इसके साथ वर्षा व ओलावृष्टि का व्यापक स्तर पर असर देखा जा रहा है.

आम और लीची के पौधे हुए हैं प्रभावित

ग्रामीण क्षेत्रों में 50 प्रतिशत फुस के मकान आंधी से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं. कई क्षेत्रों के किसानों ने बताया कि आंधी इतनी भयानक थी कि जगह-जगह फलदार वृक्ष भी टूटकर गिर गये. किसानों के मुताबिक गेहूं की फसल अब कटनी शुरू हो गयी है. तेज आंधी से खेतों में सुखने के लिये रखी गयी फसल तो हवा के झोकों में उड़ कर तहस-नहस तो ही गये है. साथ ही आम एवं लीची के पौधों में निकले छोटे-छोटे टिकोले भी लगभग पूरी तरह गिर गये है.

फलों की फसल खराब होने के बाद गेहूं की जो फसल अब कटने वाली थी. उसके ऊपर ओला गिरने से दाना का काफी नुकसान हुआ है. किसानों का कहना है कि बैंकों से कर्ज लेकर खेती की गयी थी. लेकिन कल के इस दैविक प्रकोप ने उनके आगे की थाली छीन ली है. इसको लेकर किसानों में हड़कंप मच गया है. कई किसान संगठनों ने प्रशासन व सरकार से क्षति का आंकलन कराकर मुआवजा देने की भी मांग की है.

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