रोसड़ा में प्रतिमा विसर्जन के दौरान निभाई जाती है अनूठी परंपरा

समस्तीपुर/रोसड़ा (राजू गुप्ता): स्थानीय महावीर चौक के व्यवसायियों ने शनिवार को आस्था की कड़ी में एक नया मिसाल कायम किया है. रोसड़ा के इतिहास में यह एक नई परंंपरा पिछले साल से बनायी गयी है. विसर्जन के दौरान मां की प्रतिमा के रूकने के स्थान को घंटों मेहनत करके सुंदर तरीके से सजाने व संवारने का. इतना ही नहीं सभी व्यवसायी सड़क पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने में भी प्रशासन की काफी मदद भी करते हैं.

बताते चलें कि परंपरा के अनुसार बड़ी मैया की प्रतिमा का विसर्जन आज भी मानव कंधों पर ही की जाती है जिसके लिए जगह—जगह पर उनके विश्राम करने की जगह भी निर्धरित की जाती है. प्रत्येक विश्राम स्थल पर उनका खोइंछा भी भरा जाता है. इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु उनके साथ—साथ चलते हैं. आज के आधुनिक युग में भी कंधों पर प्रतिमा का विसर्जन किया जाना अपने आप में एक महत्वपूर्ण बात है. ऐसा संभवतः कहीं देखने को नहीं मिलता है. विश्राम स्थल को सजाने—संवारने में महावीर चौक के व्यवसायियों का महत्वपूर्ण योगदान को देख स्थानीय लोगों ने काफी सराहना की है.

 

महावीर चौक के अलावा भी कई चौक-चौराहों पर भक्तों ने विशेष व्यवस्था कर रखी थी. इस बार यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने में प्रशासन-पुलिस भी काफी सक्रिय दिखे. सड़क पर ट्रैफिक जाम न हो इसके लिए सुबह से ही माइकिंग व गश्ती की व्यवस्था पुलिस-प्रशासन की ओर से थी. अनुमंडलाधिकारी कुंदन कुमार, एसडीपीओ अजित कुमार व थानाध्यक्ष चतुर्वेदी सुधीर कुमार शांतिपूर्ण विसर्जन को लेकर काफी प्रयत्नशील दिखे.

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