दिन के तापमान में भारी गिरावट, टूटा 50 साल का रिकॉर्ड, अगले तीन दिनों तक मौसम में कोई बदलाव की संभावना नहीं

समस्तीपुर : पूरा जिला ठंड की मार से कराह रहा है. सड़कों पर अघोषित कर्फ्यू सा दृश्य बन गया है. लोग अपने घरों में दुबक कर किसी तरह समय काट रहे है. सरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थानों को भी डीएम के आदेश से अगले 13 जनवरी तक बंद कर दिया गया है. सरकारी कार्यालय खुले रहने के बावजूद भी उपस्थिति काफी कम देखी गयी. समस्तीपुर व्यवहार न्यायालय में भी कड़ाके की ठंड को लेकर काम-काज पर काफी असर पड रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले न्यायार्थी की संख्या काफी कम हो गयी है.

पछुआ हवा के कारण ठंड में बढ़ोतरी

इधर, जिले के पूसा स्थित डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग का बताना है कि आज बुधवार के दिन के तापमान में इस तरह की गिरावट पहली बार देखी गयी है. बताया गया है कि विश्वविद्यालय के पास उपलब्ध पिछले 50 वर्ष के रिकॉर्ड में दिन के तापमान में पहली बार इतनी गिरावट दर्ज की गयी है. बताया गया है कि आज बुधवार के दिन का अधिकतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है जो सामान्य से काफी ही कम है.

पछुआ हवा के कारण ठंड में बढ़ोतरी

जानकारी दी गयी है कि हिमाचल प्रदेश एवं जम्मू कश्मीर में हो रही भीषण बर्फबारी के साथ-साथ पश्चिमी विक्षोभ से चल रही पछुआ हवा के कारण ठंड में इतनी बढ़ोतरी हो गयी है. मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि अगले तीन दिनों तक मौसम के इसी तरह बने रहने की संभावना है. इधर, आज दिन में बिल्कुल ही आकाश साफ नहीं हुआ और दिनभर 7 से 10 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से पछुआ हवा चलती रही. अभी शाम में भी स्थिति पूर्ववत ही है. कुहासे का भी प्रकोप सुबह 12 बजे तक बना हुआ था. जो फिर शाम 4 बजे से शुरू हो गया है. मौसम के मिजाज में अचानक हुये इस बदलाव को लेकर पूरा जनजीवन अस्त-व्यस्त बन गया है.

समस्तीपुर: मानव श्रृंखला की सफलता को ले पूरा प्रशासन तंत्र तैयारी में जुटा

आज शाम में प्रशासन की ओर से लकड़ी का प्रबंध कर लगभग आधे दर्जन स्थानों पर अलाव जलाये गये हैं. लेकिन लगभग एक लाख की आबादी वाले इस शहर में यह अलाव ‘उंट के मुंह में जीरा का फोरन’ सावित हो रहा है. इधर, ग्रामीण क्षेत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार भीषण बर्फबारी के कारण मवेशियो के दुग्ध उत्पादन पर इसका काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है.