शराबबंदी को काला कानून बताते हुये माले ने निकाला प्रतिरोध मार्च, फूंका सीएम का पुतला

समस्तीपुर: नवाद में इंसाफ मंच के जुलूस पर पुलिस द्वारा किये गये लाठीचार्ज एवं राज्य सरकार द्वारा शराबबंदी को लेकर बनाये गये कानून को काला कानून ठहराते हुये इसके विरोध में आज भाकपा माले ने प्रतिरोध मार्च निकालकर मुख्यमंत्री का पुतला फूंका.
भाकपा माले के सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने हाथों में झंडे, बैनर एवं सीएम नीतीश कुमार का पुतला लेकर शहर के मालगोदाम चौक स्थित भाकपा माले जिला कार्यालय से प्रतिरोध मार्च निकाला. मार्च में शामिल कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के विरोध में नारे लगाते हुये शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरकर स्टेशन चौक पर पहुंचे. यहां एक नुक्कड़ सभा का भी आयोजन किया गया.  इसकी अध्यक्षता करते हुए माले के जिला सचिव प्रो. उमेश कुमार ने कहा कि बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष को शराब के नशे में पकड़े जाने पर दूसरे दिन ही जमानत मिल गयी. जबकि जहानाबाद के मुसहर समुदाय को ताड़ी पीते पकड़े जाने पर तीन माह के अंदर स्पीडी ट्रायल के तहत सजा मुकर्रर की जाती है और जुर्माना लगाया जाता है. माले के सचिव ने यह भी आरोप लगाया है कि सत्ताधार दल के साथ प्रशासन की मिलीभगत से शराबबंदी के बाद इसकी होम डिलीवरी धड़ल्ले से जारी है.
दबंग और अमीरों को इस कानून से बचने का पूरा मौका दिया जाता है. इसके खिलाफ माले अब पूरे बिहार में आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेगी. सभा समाप्ति के बाद मुख्यमंत्री का पुतला भी दहन किया गया. मौके पर माले के जीबछ पासवान, गंगा प्रसाद पासवान, उमेश कुमार, मो. हकीम, अशोक कुमार आदि ने सभा को संबोधित किया.