समस्तीपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण

समस्तीपुर/रोसड़ा(राजू गुप्ता): अनुमंडल के शिवाजीनगर प्रखंड में लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण एवं ग्रामीण स्वच्छता समिति के सदस्यों ने आज सोमवार को अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेन्द्र बँधार एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शिवाजीनगर का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण टीम में जिलापार्षद सह लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण के अध्यक्ष राम देव राय, सदस्य स्वर्णिमा सिंह, हरे राम साहनी, गुड्डी देवी, रीना राय मौजूद थे.

टीम ने निरीक्षण का कार्य दिन के 12:30 बजे शुरू किया. उस समय तक स्वास्थ्य उपकेंद्र बँधार में कोई भी कर्मी नहीं आये थे. स्थानीय लोग प्रवीण कुमार चौधरी, महेंद्र नारायण चौधरी, रंजीत कुमार यादव आदि का कहना था कि करीब एक करोड़ इकहत्तर लाख की लागत से 3 वर्ष पूर्व यह भवन का निर्माण हुआ था. भवन अच्छी तरह से बनी थी. लोगों को आशा जगी कि अब यहाँ के आम अवाम को इलाज के लिए भटकना नही पड़ेगा. परंतु ऐसा नहीं हुआ. आज तक यहाँ कोई कर्मी आये ही नहीं.

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इसके पश्चात टीम के द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शिवाजीनगर का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि केंद्र परिसर में एक कुत्ता मरा हुआ था. जिसकी बदबू पूरे अस्पताल में फैली हुई थी. लोगों का वहाँ रहना दूभर हो रहा था. अस्पताल में लाइफ सेविंग औषधि डेरीफाइलीन, डेक्सओना, एआरवी, सिन्ट्रोसिनोन्न, ग्लोब्स आदि उपलब्ध नहीं था. रोगी को बेडशिट, नाश्ता चाय, भोजन नहीं दिया गया था. लेबर रूम गंदा था. औजार रखने वाला बॉक्स जंगयुक्त था. वार्ड में पंखा नहीं चल रहा था. अस्पताल का लैब बन्द था.

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इस क्रम में रोगी किरण देवी, पिता राम उदगार दास ग्राम बल्लीपुर के साथ आयी आशा बहू राज कुमारी ने बताया कि सिन्ट्रोसिनोन्न एवं ग्लोब्स बाहर के दुकान से मंगाना पड़ा है. निरीक्षण के दौरान 2 बजकर 15 मिनट अपराह्न तक हेल्थ मैनेजर राकेश रंजन एवं एएनएम अन्नू कुमारी अनुपस्थित पायी गयी. निरीक्षण के उपरांत टीम के सदस्यों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना है.

ग्लब्स होते हुए भी परिजनों को बाहर से लाना पड़ता है

इस पर हर माह करोड़ों रुपये खर्च किये जाते हैं. ताकि आम अवाम एवं गरीब गुरुबा को स्वास्थ्य लाभ मिल सके. परंतु चिकित्सा पदाधिकारी एवं एनजीओ के कर्मी के मिली भगत से गरीबों के हिस्से की बंदरबांट कर ली जाती है. सदस्यों ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि अस्पताल में सिन्ट्रोसिनोन्न एवं ग्लोब्स रहते हुए भी रोगी को नही देना अस्पताल प्रशासन की मंशा को दर्शाता है.

उन्होंने कहा कि चिकित्सा प्रभारी को स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने की कड़ी हिदायत दी गयी है. अन्यथा विभागीय कार्रवाई करने की बात कही गयी है. साथ ही अनुपस्थित कर्मी से स्पष्टीकरण करते हुए आज का वेतन रोकने के लिये चिकित्सा प्रभारी से कहा है. साथ ही एनजीओ का भी भुगतान पर रोक लगाने का आदेश दिया गया है.

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