2 लाख के लिए बच्चों के साथ बहु को निकाला बाहर, अब दर-दर भटक रही है रीना

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समस्तीपुर/सरायरंजन : दो मासूमों के साथ न्यायलय समेत थाने एवं महिला हेल्प लाईन का चक्कर लगाते-लगाते थक चुकी हैं रीना. अब जब मुख्यमंत्री के यहां यह मामला पहुंच चुका है तो रीना की उम्मीद फिर एक बार जग गयी है. रीना को दो बच्चे होने के बाद भी ससुरालवालों ने दो लाख रूपये के लिये दो मासूम बच्चों के साथ घर से निकाल दिया है. यह कहानी है थाना क्षेत्र के नरघोघी पंचायत के खैरवन निवासी स्व. लालजी भगत की पुत्री रीना का.

बता दें कि दस वर्ष पूर्व रोसड़ा थाना क्षेत्र के भीड़हा पंचायत के नेपाली चौक निवासी अशोक चौरसिया के पुत्र विजय चौरसिया के साथ ढेंरों उपहार व सौगात देकर रीना की शादी उसके परिजनों ने रचायी थी. शादी के बाद रीना का वैवाहिक जीवन कुछ सालों तक सुखमय बीता. इस बीच उसे दो बच्चें भी पैदा लिये. बच्चे होने के बाद ससुरालवालों ने रीना के साथ असमान्य व्यवहार करने लगे. दो लाख रूपये घर से और दहेज लाने की बात कह कर उसे प्रताड़ित किया जाने लगा.

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बता दें कि विरोध करने पर उसके साथ मार-पीट भी की जाती थी.  लगातार प्रताड़ित होने के कारण रीना का स्वास्थ्य भी खराब रहने लगा. इन सभी बातों को लेकर ससुरालवालों ने इसे दोनों बच्चे का हाथ थमा कर घर से सदा के लिये निकाल दिया. जिस घर में यह दुल्हन बन कर आयी थी. उस घर को पीछे मुड़-मुड़ कर देखते हुए यह न्याय के लिये दर-दर भटकने लगी. इस बीच रीना के पति ने दूसरी शादी भी रचा ली.

रीना के मुताबिक उसका पति विजय चौरसिया ट्रैक्टर खरीदने के लिये रीना को मायके वालों से दो लाख रुपये मागने का दबाव देता था. साथ ही धमकी भी देता था कि अगर अपने मायके वालों से पैसा नहीं मांगी तो तुम्हें छोड़ देंगे. लेकिन रीना अपने विधवा मां के गरीबी का ढ़ाल बनाकर चुप हो जाती थी. रीना के चुप रहने का खामियाजा उसे एवं उसके दोनों बच्चों को मंहगा पड़ गया. इसके बाद रीना ने इसकी शिकायत महिला थाना में दर्ज करायी. लेकिन उसे वहां से भी न्याय नहीं मिल सका.

थक हार कर उसने कोर्ट परिवाद दायर करायी है. कोर्ट कचहरी का चक्कर लगाते-लगाते पीड़िता परेशान हैं, लेकिन उसे न्याय नहीं मिल पा रहा है. वहीं रीना महिला हेल्प लाईन में भी पहुंचकर अपनी व्यथा विस्तार से बतायी.  मगर यहां भी उसे निराशा ही हाथ लगा. आखिरकार  थक हार कर रीना ने इसकी शिकायत एक आवेदन के माघ्यम से डाक द्वारा मुख्यमंत्री को भेजी है.

मुख्यमंत्री के यहां आवेदन पहुंचने के बाद पुलिस की नींद खुली है और रीना के चेहरे पर फिर उम्मीद का किरण जगी है. अब उसे लगता है कि उचित न्याय मिल सकता है. उक्त पीड़िता अपने मायके में मजदूरी कर अपना व अपने बच्चे का भ्रण पोषण कर रही है. रीना ने अपने पति विजय चौरसिया समेत आठ लोगों को आरोपित की है. परंतु अबतक पुलिसीया कार्रवाई नहीं होने पर आरोपित परिवार भयमुक्त होकर निश्चिंत था. लेकिन अब थोड़ी बहुत कार्रवाई देखकर रीना के ससुरालवालों के यहां भी हलचल मचने लगी है. बता दें कि  रीना को एक पुत्री उजाला कुमारी (10) एवं पुत्र संतोष कुमार (5) है. मुख्यमंत्री से गुहार लगाने के बाद पुलिस पीड़िता को न्याय दिलाने के लिये सक्रिय हो उठी है. देखना है मुख्यमंत्री के आदेश पर पीडित़ा एवं उसके बच्चों को कब तक न्याय मिल पाता है.

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