स्मृति दिवस में हिन्दी की वर्तमान स्थिति पर हुई चर्चा

रोसड़ा/समस्तीपुर: साहित्य परिषद रोसड़ा एवं डा. बिपिन बिहारी ठाकुर स्मृति संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में हिन्दी दिवस सह छठी पुण्य स्मृति दिवस समारोह मनाया गया। संत कबीर महंत ठाकुर दास चिल्ड्रेन्स एकेडमी के सभागार में कार्यक्रम का उद्घाटन समीक्षक डा. राम रतन सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया।

उन्होंने हिन्दी की वर्तमान स्थिति पर व्यापक चर्चा करते हुए हिन्दी को समृद्ध भाषा बताया। उन्होंने कहा कि हिन्दी का प्रयोग शिक्षा के हर क्षेत्र में, तकनीक के क्षेत्र में सरकारी कामकाज में बैकों में होने से इसका विकास होगा। डा. सिंह ने कहा हिन्दी दिवस पर सुप्रसिद्ध विद्वान डॉ विपिन विहारी ठाकुर को याद करना आवश्यक है। डा. ठाकुर सच्चे हिन्दी साधक थे। उन्होंने अपने व्यक्तित्व और कृतित्व के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशेष पहचान बनाई। विशिष्ट अतिथि डॉ. गगन देव चैधरी ने हिन्दी की महत्ता पर तथा डॉ. ठाकुर के कार्यों पर विस्तृत प्रकाश डाला। इस अवसर पर डॉ. सीता राम सिंह सरोज, पृथ्वी राज वर्णवाल, प्रो. राम सेवक चैधरी, प्रो. राधेकृष्ण मंडल, प्रो. विमल देव विमल, डॉ. बी के तिवारी, अनिरुद्ध झा, डॉ. राम विराजी जायसवाल, जय राम शर्मा, कपिल शर्मा, कवि अवधेश सिंह ,डॉ. परमानन्द मिश्र, सहित  दर्जनों वक्ताओं ने अपने वक्तव्य और काव्य पाठ से श्रोताओं को प्रभावित किया। प्रारंभ में साहित्य परिषद के सचिव प्रो प्रफुल्ल चन्द्र ठाकुर ने विषय प्रवेश कराया उन्होंने कहा कि हिन्दी अब विश्वभाषा बनने की ओर अग्रसर है। हिन्दी को राजभाषा बनाने के लिए संसद ही सक्षम है। संचालन राम स्वरूप सहनी ने किया। समारोह की अध्यक्षता पूर्व प्रधानाचार्य एवं साहित्य परिषद के अधयक्ष शिव शंकर प्रसाद सिंह ने की। भाषण प्रतियोगिता के विजेता छात्र छात्राओं को मुख्य अतिथि डॉ. राम रतन सिंह ने प्रमाण पत्र और सामग्री प्रदान किया।