बढ़ती पुलिस दबिश से घबराकर ननगीदरी ने कोर्ट में किया सरेंडर,कई जिलों में दर्ज हैं आपराधिक मामले

बढ़ती पुलिस दबिश से घबराकर ननगीदरी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया

लाइव सिटीज, समस्तीपुर: कई जिले के कुख्यात अपराधियों की सूची में शामिल और हाल ही में हसनपुर में पूर्व पंसस श्रवण यादव को गोली मारने का आरोपित रामदयाल यादव उर्फ ननगिदरी ने शनिवार को रोसड़ा कोर्ट में सरेंडर कर दिया. उसके खिलाफ समस्तीपुर जिले के हसनपुर, रोसड़ा व बिथान के अलावे बेगूसराय जिले के गढ़पुरा व चेरियाबरियारपुर सहित कई थानों में हत्या, रंगदारी, लूट, आर्म्स एक्ट के तहत दर्जनों मामले दर्ज हैं. सिर्फ हसनपुर थाने में उसके खिलाफ आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं.

 

आत्मसमर्पण के लिए शनिवार सुबह ननगिदरी रोसड़ा कोर्ट के बाहर पहुंच गया था. कोर्ट पहुंचते ही वह अपने अधिवक्ता सतीकान्त साहनी व दीपक कुमार शर्मा के टेबुल पर गया, जहां उसके वकील भी पहले से सभी कागजात तैयार कर रखे हुए थे. इसके बाद वह अपने अधिवक्ता के साथ एसीजेएम तृतीय अंजनी कुमार गौंड के न्यायालय में पहुंचा और सरेंडर कर दिया.

 

उस वक्त तक न तो स्थानीय पुलिस को इसकी भनक लगी और ना ही आम लोगों को। न्यायिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे दस बजे कोर्ट हाजत भेज दिया गया. हालांकि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान आरोपित के अधिवक्ता द्वारा जमानत अर्जी भी दाखिल की गयी, पर कोर्ट ने जमानत अर्जी को खारिज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

 

ननगिदरी लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था. व्यवसायियों व जनप्रतिनिधियों से रंगदारी मांगना व कई तरह की अपराधिक वारदातों को अंजाम देना उसकी फितरत में शामिल था. यही वजह है कि कारोबारियों में उसके नाम की दहशत थी.

हसनपुर थानाध्यक्ष चन्द्रकान्त गौरी ने बताया कि इसी साल जनवरी माह में ननगिदरी ने अपने साथियों के साथ मिलकर हसनपुर थाना क्षेत्र के पूर्व पंसस श्रवण यादव को गोली मार दी थी. हालांकि इलाज के बाद श्रवण यादव की जान बच गयी. इस मामले में पुलिस को ननगिदरी की तलाश थी. पुलिस ने गुरुवार को ही हसनपुर थाना क्षेत्र के सभयपुरा स्थित उसके घर पर इश्तेहार चिपकाया था.