रामचरित मानस परमात्मा प्राप्ति का सूत्रधार है : आचार्य अरुण

समस्तीपुर/रोसड़ा : श्री रामचरित मानस परमात्मा की प्राप्ति का सूत्रधार है. श्री रामचरित मानस का पाठ सनातन धर्म मानने वाले हर व्यक्ति को जरूर करनी चाहिये. उक्त बाते बैधनाथपुर गांव के उच्च विद्यालय परिसर में अखिल भारतीय श्री रामचरित मानस प्रचार महासंघ के 16वें अधिवेशन आयोजन में बदरीकाश्रम शंकराचार्य आश्रम से पधारे महासंघ प्रचार मंत्री आचार्य अरुण त्रिपाठी ने कही.

उन्होंने कथा के माध्यम से कहा कि मानस का आयोजन तो होता आ रहा है लेकिन अधिक से अधिक आवश्यक है कि श्री रामचरित मानस को अपने जीवन के दर्पण में उतारना चाहिए. हमें इस दर्पण को सामने रख कर देखना चाहिए कि हम किस पात्र से मिलान कर रहे है. यदि हम भाई से भाई को गले मिलाते है तो राम और भरत के समान आपस में प्रेम होना चाहिए. लेकिन यह नहीं करके इसके विपरीत भाईयों के बीच आपसी दूरी रखते है. इससे हमें समझना चाहिए कि हम लंका मे जी रहे है.

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आयोजन की शुरूआत संयुक्त रूप से दीप जलाकर जिला पार्षद अध्यक्ष प्रेमलता देबी एवं रोसड़ा जिला पार्षद मुकेश कुमार चौधरी व शंकराचार्य श्री त्रिपाठी सहित आयोजन के अध्यक्ष के द्वारा किया गया. वहीं जिप अध्यक्षा ने कहा कि क्षेत्र मे ऐतहासिक महायज्ञ का आयोजन हुआ है. जिसमें हर वर्गों को भाग लेकर इस रामचरित मानस प्रचार महासंघ मे भाग लेना चाहिए. जिससे धर्म के प्रति लोगो के बीच एक नया संदेश जा सके.

आयोजन में स्व. सत्यनरायण चौधरी के कृति को याद कर उन्हें नमन किया गया. आयोजन मे सैकड़ों बुद्धिजीवियों के बीच सुन्दरकांड का पाठ करके रामायण पाठ की शुरूआत की गयी. कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला पार्षद मुकेश चौधरी, अध्यक्ष प्रमोद नरायण चौधरी, मंत्री युगेश्वर चौधरी, आयोजक सह कोषाध्यक्ष जीबछ चौधरी, अनिल चौधरी, रमण चौधरी, शशिकांत चौधरी, लालन चौधरी, मनीष चौधरी, रबिन्द्र चौधरी, राम कुमार चौधरी, दयानंद चौधरी सहित सैकड़ों युवा मौजूद थे.