सड़कों पर उतरे बंद समर्थक, रहा आंशिक असर

समस्तीपुर:  नोटबंदी के विरोध में कई राजनीतिक पार्टियो द्वारा किए गए भारत बंद का आह्वान समस्तीपुर जिलें में आंशिक रूप से पड़ा. सिर्फ सड़को तक ही इन पार्टियो का विरोध सिमटकर रह गया.

सामान्य दिनों की ही तरह काम-काज चलता रहा. हां, थोड़ी देर लिए बंद समर्थको के उतड़ने के कारण शहर की ट्राफिक व्यवस्था थोड़ी देेर के लिए अस्त-व्यस्त हो गया था. भारत बंद के समर्थन में मुख्य रूप से भापका माले, सीपीआई एवं जन अधिकार पार्टी के समर्थक ही दिखाई पड़े.  जबकि राष्ट्रीय जनता दल और कांगे्रस पार्टी के कार्यकर्ता झंडा व बैनर के साथ नोट बंदी का विरोध करते हुए बाजार की  सड़कों पर नारे लगाते हुए देखे गए.

सभी पार्टियो कार्यकर्ता मुख्य रूप से समाहरणालय के समक्ष गोलंबर के पास एकत्र होकर बंद को लेकर अपनी पार्टियो के अनुरूप कार्यक्रम संपादित करते रहे. इसमें जन अधिकार पार्टी के नेता व कार्यकर्ता गोलंबर के पास शहर की मुख्य सड़क को जामकर यातायात बाधित कर दिया.

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इसमें मुख्य रूप से पूर्व विधायक अजय कुमार बुल्गानिन, अशोक कुमार वर्मा, अशोक पासवान , गुंजन देवी, रामविवेक पासवान, नीलम शाही, सीताराम राय, पींटु यादव, रतन महतो आदि मुख्य रूप से शामिल थे. दूसरी ओर माले के जिला सचिव प्रो. उमेश कुमार, मो. अफताब (हीर), राम कुमार, फूल बाबू सिंह, शशिदेव पासवान, विवेक पासवान, गंगा पासवान, जितेन्द्र पासवान, मों. आले आदि शामिल थे. यहां बता दे कि बाजारो की दूकाने खुली हुयी थी. न्यायालय का काम भी रोजमर्रे की तरह  चल रहा था. सरकारी कार्यालयो में भी अन्य दिनो की तरह सभी कर्मी अपनी ड्यूटी पर कार्यरत थे.

इधर जब बंद के दौरान आम लोगो की प्रतिक्रिया ली गयी तो 90 प्रतिशत लोगो ने प्रधानमंत्री के लिए गए इस निर्णय का देश हित में समर्थन करते हुए भारत बंद को बिल्कुल ही असफल बताया. हां, कुुछ लोगो ने इतना अवश्य कहा कि नोट बंदी के आदेश से पहले केन्द्र सरकार द्वारा इसकी पूरी तैयारी कर ली जाती आम लोगो को जो इतनी परेशानियां उठानी पड़ रही है वह नहीं होती. रेल गाड़ियो के परिचालन पर भी बंद का कोई असर नहीं देखा गया. जिले के अन्य क्षेत्रो से भी मिली सूचना के मुताबिक सभी जगहो पर इसी तरह भारत बंद का असर देखा गया है.

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