दुर्घटनाओं पर नियंत्रण को ले डीजल इंजन में लगेगा डिस्क ब्रेक

 

समस्तीपुर: तेज रफ्तार से दौड़ रही ट्रेनें अब डिस्क ब्रेक के जरिए बिना किसी पेरशानी व संभावित खतरे की रुकेगी. रेलवे अपने इंजनों में डिस्क ब्रेक प्रणाली को लागू करने जा रही है. दरअसल, अभी मौजूदा स्थिति में चलने वाली सभी डीजल इंजनों में व्हील ब्रेक ब्लॉक प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता है. लिहाजा इस स्थिति में तेज रफ्तार के समय किसी बात को लेकर ट्रेन की इमरजेंसी ब्रेक लगाना खतरनाक होता है. पिछले कुछ सालों में इमरजेंसी ब्रेक लगाने के कारण कई बड़े ट्रेन हादसे हो चुके है. इसकेे बाद रेल मंत्रालय द्वारा जांच-पडताल के दौरान यह बात सामने उभर कर आया है कि इमरजेंसी ब्रेक के इस्तेमाल से बोगियां एक दूसरे के ऊपर चढ़ जाती है.

40 मीटर के दायरे में सुरक्षित रुकेगी ट्रेन

दुर्घटना को देखते हुए रेलवे ने सुरक्षित ब्रेक प्रणाली को अपनी ट्रेनों में लागू करने का निर्णय लिया है. चार हजार हार्सपावर वाला डीजल इंजन में क्रू केबिन से पहियों में लगी डिस्क ब्रेक का नियंत्रण होगा. इस डिस्क प्रणाली की क्षमता 120 किलो मीटर प्रति घंटा की गति से दौड़ रही ट्रेन को 40 मीटर के दायरे में सुरक्षित रोक देना है. जबकि अभी जो प्रणाली है उसमें वैक्यूम ब्रेक लगाने के बावजूद 400 से 500 मीटर तक की दूरी इंजन को गति नियंत्रण के लिए तय करनी पड़ जाती है. डिस्क ब्रेक लगे डीजल इंजन के ट्रायल ली जाएगी. इसके बाद इसे तेज रफ्तार ट्रेनों को आसानी से रोका जा सकेगा.