चमकी बुखार का कहर: समस्तीपुर में चार बच्‍चों की मौत, डॉक्टर बोले, बरते ये सावधानियां

बुखार से पीड़ित चार बच्चों की मौत पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

लाइव सिटीज, समस्तीपुर :  जिले में एक ही दिन में बुखार से चार बच्चों की मौत हो अस्पताल में इलाज के दौरान हो गयी है. इनमें विभूतिपुर में दो बच्चे की मौत चमकी व बुखार से भी बताया जा रहा है. समस्तीपुर में बच्चों की मौत के बाद लोगों में हड़कंप मच गया है. मुजफ्फरपुर समेत में उत्तर बिहार के कई जिलों में चमकी व बुखार से हो रही मौत का सिलसिला समस्तीपुर में भी पहुंच गया है. चार बच्चों की एक ही दिन में मौत ने जिले के स्वास्थ्य महकमा को हिला कर रख दिया है. स्वास्थ्य विभाग ने कहा, लोगों को इस ऊमस वाले मौसम में काफी सतर्क रहने की जरूरत है. सतर्कता से इस बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा रहा है.

 

बच्चों के खानपान व रहन-सहन का खास ख्याल रखने वाले इलाकों में इसका असर कम देखा जा रहा है. लेकिन, जिन इलाकों के लोगों का जीवन स्तर सामान्य नहीं है, उन इलाकों में यह बीमारी ज्यादा फैल रही है. स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि लोगों को इलाज की चिंता करने की जरूरत नहीं है. अस्पताल में इस बीमारी के इलाज की तैयारी कर ली गयी है. जैसे ही बच्चों में बुखार व इससे जुड़े लक्षण दिखे तो बिना देर किये अस्पतालों में लेकर पहुंचें. ओझागुणी के चक्कर में देरी नहीं करें. समय से अस्पताल आकर बच्चे का इलाज कराएं.

 

इधर, सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में विभूतिपुर के सिरसिया निवासी हरेराम यादव के चार वर्षीय पुत्र नीतीश कुमार को भी चमकी बुखार की शिकायत पर सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया. हालांकि कुछ देर तक इलाजरत रहने के बाद स्थिति सामान्य होने पर परिजन बीमार बच्चे को लेकर किसी निजी क्लीनिक में चले गये.

स्वास्थ्य संस्थानों को किया गया अलर्ट : सीएस डॉ़ सियाराम मिश्र ने इंसेफलाइटिस को लेकर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों को अलर्ट कर दिया है.  सभी संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं उपाधीक्षक को अस्पतालों में स्पेशल वार्ड बनाकर दवा एवं जरूरी संसाधनों की मुक्कमल तैयारी रखने का आदेश दिया है. सभी प्रखंडों में गठित रैपिड रिस्पांस टीम को विशेष रूप से अलर्ट रहने को कहा गया है.

 

सदर अस्पताल में नशा मुक्ति केंद्र के समीप इंसेफलाइटिस के मरीजों के लिए वैसे तो स्पेशल वार्ड बनाया गया है.  लेकिन गंभीर स्थिति में पहुंचने वाले बच्चों को देखते ही चिकित्सक इलाज शुरू करने के साथ ही साथ रेफर करने की तैयारी भी शुरू कर देते हैं.  पिछले दो दिनों में कुछ ऐसा ही देखने को मिला. वैसे तो दो बच्चों ने रेफर किये जाने के साथ ही दम तोड़ दी. जबकि भर्ती कराये गये बच्चे को उसके परिजन इलाज कराने के बजाय स्वयं निजी क्लीनिक में लेकर चले गये.

सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ एएन शाही ने बताया कि इंसेफलाइटिस के मरीजों के लिए सदर अस्पताल में स्पेशल वार्ड बनाया गया है. दवा एवं इलाज की पूरी व्यवस्था भी है. पिछले दो दिनों में बुखार पीड़ित बच्चे अस्पताल में पहुंचे हैं. लेकिन इलाज शुरू होने के कुछ देर बात ही उनकी मौत हो गयी.  जिस वजह से बीमारी की जांच नहीं हो पायी.