महिला सशक्तिकरण का उदाहरण बनी रही सांसद रमा देवी

16वीं लोकसभा का चुनाव जीत रही स्थानीय निवर्तमान सांसद रमा देवी

लाइव सिटीज,शिवहर(रंजीत मिश्रा): शिवहर जिले में 16वीं लोकसभा का चुनाव जीत रही स्थानीय निवर्तमान सांसद रमा देवी अपने राजनीतिक जीवन में काफी उतार- चढ़ाव को जुझते हुए अपना जीवन का सफर तय की है. 8 अगस्त 1948 को लालगंज वैशाली में अपने माता धरभारन देवी के घर जन्मी सांसद रमा देवी ने शिक्षा- दीक्षा बेहद अच्छा रहा. उन्होंने ग्रैजुएट्ड प्रोफेशनल तक शिक्षा प्राप्त कर उस समय के राजनीतिक नेता बृज बिहारी प्रसाद से शादी कर अपने जीवन की शुरुआत की थी. 5 बच्चे का शिक्षा दीक्षा पूर्ण कराते हुए अपने राजनीतिक सफर को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाती रही.

 

गरीब महिलाओं के उत्थान और राजनीतिक में भाग लेने तथा किताबों का अध्ययन करने में हमेशा खोई रहने वाली सांसद रमा देवी अपने क्षेत्र के विकास के लिए राजनीतिक नेताओं एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों से हमेशा जुझती रही है. बिहार सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री व पति बृज बिहारी प्रसाद को 3 जून 1998 को आईजीआईएमएस के कैंपस में हत्या कर दी गई थी तब से सांसद रमा देवी ने अपने जीवन को पूरी तरीके से राजनीति में आ गई.

वर्ष 1998 व 1999 के दौरान राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर मोतिहारी से 12वीं लोकसभा की सदस्य बनी, फिर 2000-2005 में बिहार विधानसभा चुनाव में मोतिहारी से चुनाव लड़कर राजद के टिकट पर वे विधायक बनी तथा बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री लोक स्वास्थ्य एवं इंजीनियरिंग विभाग के पद को संभाली थी. उसके बाद भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर वर्ष 2009 में चौदहवीं लोकसभा के लिए तथा वर्ष 2014 में 15वीं लोकसभा के लिए चुनी गई.

सांसद रामादेवी ने समाज में परिवर्तन करने तथा लोगों की सेवा करने के उद्देश्य से 31 अगस्त को वह सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण और स्थाई समिति की सदस्य बनी, महिला सशक्तिकरण समिति के सदस्य चुनी गई, मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत परामर्श समिति के सदस्य चुनी गई तथा वह दो बार संसद रत्न से सम्मानित भी की गई.

सांसद रमा देवी के द्वारा विगत 10 सालों में कई मुद्दे उठाए गए कई कार्य अधूरे पड़े हैं. उसके लिए वे संघर्ष करते दिखे गए, एक महिला होने के कारण वे संसदीय क्षेत्र से लेकर संसद तक अपनी दमदार आवाज एवं कई मांगों को लेकर प्रखर महिला के रूप में जानी जाती रही.

सांसद रमा देवी के लिए फिर से वही चुनौती सामने आ रही है, शिवहर में रेल का परिचालन, उच्च शिक्षा के लिए डिग्री कॉलेज, बेलवा घाट पुल, खोरी पाकर पुल, एनएच 104 सडक का चौड़ीकरण जो रुका पड़ा है, ब्लड बैंक, पोस्टमार्टम हाउस चालू कराना सहित जिले में भ्रष्टाचारियों पर रोक लगाना तथा सरकारी बुनियादी सुविधाओं को उपलब्ध कराना उनके सामने चुनौती रहेगी.

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