कम अंक मिलने पर आग बबूला हुए इंजीनियरिंग के छात्र, शिक्षक पर निकाला गुस्सा, सहमे गुरुजी

कॉलेज कैम्पस में कॉलेज प्रशासन के विरुद्ध जमकर हंगामा किया और नारेबाजी के साथ ही सभी छात्र धरने पर बैठ गए

लाइव सिटीज, नालंदा(संतोष कुमार) : चंडी स्थित नालंदा इंजीनियरिंग महाविद्यालय के छात्रों ने प्रथम सेमेस्टर एवं तृतीय सेमेस्टर में कम अंक लाने को लेकर कॉलेज कैम्पस में कॉलेज प्रशासन के विरुद्ध जमकर हंगामा किया और नारेबाजी के साथ ही सभी छात्र धरने पर बैठ गए. कम अंक आने पर छात्रों में गुस्सा इतना था कि कॉलेज के शिक्षक पर ही अपना सारा गुस्सा उतारा.

वही कॉलेज शिक्षक छात्रों को गुस्से को भांपते हुए अपने चैंबर में ही बैठे रहे. जिसके बाद महाविद्यालय के प्राचार्य के द्वारा छात्रों की बातों को सुनकर उसके निराकरण करने की बात कह कर छात्रों को गुस्सा शांत कराने की कोशिश किया गया, लेकिन छात्र हंगामा करते रहे. छात्रों ने बताया कि बीते प्रथम सेमेस्टर एवम तृतीय सेमेस्टर की इंटरनल परीक्षा में कॉलेज शिक्षक के द्वारा कम अंक दिए गए हैं. जिसके 80 प्रतिशत छात्र फेल हो गए हैं.

मैथ, वर्कशॉप ओर इडी में आया काम अंक

छात्रों ने कहा कि प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर की इंटरनल परीक्षा जनवरी में हुई थी. सात मई को परीक्षा का परिणाम आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा जारी किया गया था. जिसमें मैथ, वर्कशॉप और इंजीनियरिंग ग्राफिक एंड डिजाइन में किसी छात्र को तीन अंक तो किसी छात्र को चार अंक दिया गया है. जबकि यूनिवर्सिटी की ओर हम लिगो को अच्छा मार्क्स मिला था, लेकिन कॉलेज में ही लिया गया इंटरनल परीक्षा में हमलोग फेल हो गए. ज्यादा फेल होने वाले फर्स्ट ईयर के मैकेनिकल ब्रांच के छात्र है.

उपस्थिति एवं एक्टिविटी पर भी मिलता है अंक

छात्रों ने कहा कि नियमानुसार कॉलेज में पचहत्तर प्रतिशत उपस्थिति होने पर पांच अंक एवं क्लास एक्टिविटी पर छात्रों को पांच अंक देने का प्रावधान हैं. इतना ही नही इंटरनल में मार्क्स कम आने पर बहुत सारा ऑप्शन भी दिया जाता है. अगर किसी छात्र का कम अंक आया तो एसाइनमेंट के सहारे अंक बढ़ाया जाता है. लेकिन कॉलेज शिक्षकों अपनी मनमानी करते हुए किसी छात्र को तीन अंक तो किसी छात्र को चार अंक दे दिया. जिससे कॉलेज प्रशासन छात्रों के अंक की हकमारी की जा रही है.

प्राचार्य डॉ सीबी महतो ने कहा कि छात्रों का शिकायत है कि दूसरे के कॉलेजों में जो नया नया बना है. वहां अच्छा अंक मिला है. हमारे कॉलेज में जो इंटरनल परीक्षा सख्त निगरानी में हुई थी जो छात्र जितना लिखा है. उसी के अनुसार अंक मिला है. कुछ छात्र ऐसे होते है जो क्लास कम करते है. उसका क्लास एक्टविटी अच्छा नही होगा. हो सकता है उसका नंबर कम मिला होगा. कहा कि छात्रों को कहा गया है कि अगर कॉपी पर लिखो हो और नम्बर दिया गया है तो संबंधित शिक्षक पर कार्रवाई की जाएगी.

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