गणतंत्र दिवस के बहाने सरकारी राशि का हो रहा बंदरबांट

शेखपुरा.(ललन कुमार) : जिला के नजारत शाखा में वर्षों से चल रहे सरकारी राशि के लूट का भंडाफोड़ हुआ है. जिन व्यक्तियों ने गणतंत्र दिवस के राजकीय समारोह में मात्र 11 रूपये की सरकारी राशि का किराया लेकर स्टेज, पंडाल, टेंट साउंड सिस्टम समेत अन्य कार्य करने का बीड़ा उठाते हुए समाहरणालय के नजारत शाखा में कार्य करने का आवेदन दिया उन्हें जिला नजारत शाखा ने अनुमति नहीं दी, जबकि पेशेवर टेंट वाले को कार्य करने की अनुमति नजारत शाखा द्वारा दी गयी.

पेशेवर टेंट का कुल खर्च 35-45 हजार रूपये होता है जिसे सरकारी राशि की लूट और बंदरबांट की मंशा से अनुमति दी गई है. इस संबंध में संतोष कुमार ने बताया कि शेखपुरा के नजारत शाखा में वर्षों से टेंट, पंडाल आदि लगाने के नाम पर सरकारी राशि को लूटने का खेल जारी है. इस लूट में नजारत शाखा के कर्मी और पदाधिकारी भी शामिल है.

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संतोष ने कहा कि उनका खुद का टेंट हाउस भी है. गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय त्योहार में वह कम कीमत पर सेवा देते हैं. उन्होंने गणतंत्र दिवस पर 11 रुपये में स्टेज पंडाल, टेंट, साउंड सिस्टम समेत अन्य कार्य करने की जिला नजारत में आवेदन देकर अनुमति मांगी थी, लेकिन यह कार्य वैसे टेंट हाउस को दिया गया जो पेशेवर हैं जिनका खर्च 35-45 हजार रुपया है.

उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं जिला नजारत के कर्मी नजारत से कार्य लेने वालों को कम खर्च का बिल चार-पांच गुना कर देने को कहते हैं ताकि इस भुगतान में उनका खुद का कमीशन भी बन सके. उन्होंने कहा कि नजारत शाखा के एक कर्मी ने टेंट बगैरह के लिए दुकानदार से सांठ गाँठ भी कर रखा है, ताकि उनको बड़ी राशि कमीशन के तौर पर मिल सके. सरकारी राशि का बन्दर बाँट वर्षो से चला आ रहा है.

नजारत शाखा के पदाधिकारी ज्ञान प्रकाश ने कहा कि शिवम टेंट के संचालक संतोष द्वारा लगाया गया आरोप बेबुनियाद है. उसने गणतंत्र दिवस के राजकीय समारोह का टेंट, पंडाल, साउंड सिस्टम समेत अन्य कार्य करने की इच्छा जताते हुए आवेदन दिया था. उसने अपने आवेदन में राशि नहीं भरा था, जिसके चलते वे अन्य टेंट वालों को कार्य करने की अनुमति दी गई.

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