कड़ी सुरक्षा के बीच शेखपुरा में 59 प्रतिशत मतदान

शेखपुरा: शेखपुरा में कड़ी प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रतिशत मतदान के साथ प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया. आज सुबह 7 बजे से मतदान शुरू होते ही लोग मतदान करने के लिए अपने घरों से निकलना शुरू कर दिया. शुरू में मतदान की गति धीमी रही. जैसे-जैसे दिन चढ़ना शुरू हुआ, मतदाताओं का हुजूम मतदान केंद्रों की ओर बढ़ने लगा. साथ ही मतदान की गति भी बढ़ती गई.
जिला नियंत्रण से प्राप्त जानकारी के अनुसार 9 बजे तक 12 प्रतिशत, 11 बजे तक 26 प्रतिशत, 1 बजे अपराह्न तक 44 प्रतिशत, 3 बजे तक 52 प्रतिशत और 5 बजे तक 59 प्रतिशत मतदान हो चुके थे. वहीं डीएम दिनेश कुमार और एसपी राजेन्द्र कुमार भील इस भीषण गर्मी में भी मतदान केंद्रों का निरीक्षण करते रहे. पेट्रोलिंग पार्टी भी गश्त करती रही. वहीं वार्ड नं 16 में मतदान के दौरान वोटरों को समझाने को लेकर दो प्रत्याशियों सुनील कुमार और उषा देवी के बीच झड़प भी हुई. वार्ड नं 15 के प्रत्याशी के पुत्र सह जदयू नेता राज कुमार वर्मा को सरेआम वोटर लिस्ट में अपना नाम देखने के क्रम में डीएम ने बॉडीगार्ड के माध्यम से हिरासत में ले लिया. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नगर निकाय का चुनाव छिटपुट घटनाओं के साथ शांतिपूर्ण सम्पन्न हो गया.
मतदाता सूची को पानी में फेंक देने से भड़का जनाक्रोश, मचा हंगामा
 शहर के गिरिहिंडा स्थित वार्ड नंबर 24 के मतदान केंद्र से कुछ दूरी पर जमा हुए लोगों को खदेड़ने एवं मतदाता सूची छीनकर पानी में फेंक दिए जाने से आक्रोशित लोगों ने जमकर हंगामा मचाया. इस दौरान आक्रोशितों ने पुलिस प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाया. जानकारी के मुताबिक गिरिहिंडा स्थित खीरी पोखर से सटे व मुख्य सड़क के किनारे पेड़ के नीचे कई लोग मतदाताओं को पर्ची काट रहे थे. इस कारण वहां लोगों की काफी भीड़ इकट्ठी हो गई थी. वहां से जब वरीय पदाधिकारियों का वाहन गुजर रहा था तो भीड़ को देख अधिकारियों का काफिला वहां रुका और पुलिस वालों ने भीड़ को खदेड़ दिया  और कुछ लोगों के पास मौजूद मतदाता सूची को छीनकर खीरी पोखर में फेंक दिया.
अधिकारियों की टीम के वहां से जाने के बाद कई स्थानीय लोग वहां जुटे और पोखर से मतदाता सूची और पर्ची निकालने के बाद अपना आक्रोश जताने लगे. इस दौरान लोगों ने अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा क़ि उन्हें वहां से हटने के लिए शांतिपूर्वक भी क़हा जा सकता था. परंतु पुलिस ने उनलोगों को अपराधियों की तरह खदेड़कर भगाया. वहीं कुछ लोगों ने इस दौरान बच्चे के साथ भी पुलिस द्वारा मारपीट करने का आरोप लगाया. बहरहाल जब लोग आक्रोश जता रहे थे तभी वहां पहुंची टाउन थाना की पुलिस ने एक बार फिर आक्रोशितों को वहां से समझा—बुझा कर हटा दिया. मौके पर पुलिस अधिकारी ने बताया कि ये लोग मतदान केंद्र से 200 मीटर की दूरी के अंदर ही जमा होकर मतदाताओं को पर्ची बांट रहे थे और इस दौरान वहां काफी भीड़ इकट्ठी हो गई थी. इसलिए उन लोगों को वहां से हटाया गया. हालांकि इस दौरान टाउन थाना अध्यक्ष संतोष कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल को कुछ समय तक वहां कैम्प करना पड़ गया. पुलिस बल ने इर्द-गिर्द जमा हुए लोगों को वहां से हटाया.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*