जिला पशु एवं मत्स्य विभाग की सचिव डॉ एन विजयलक्ष्मी ने की समीक्षात्मक बैठक, दिए अहम दिशानिर्देश

लाइव सिटीज, शेखपुरा (नीतीश कुमार):शेखपुरा जिला में समीक्षात्मक बैठक में जिला प्रभारी पशु एवं मत्स्य विभाग की सचिव डॉ एन विजयलक्ष्मी ने शक्ति बरतते हुए कहा कि समय पर कार्य नहीं करने वाले संवेदकों के ऊपर तत्काल विधि-सम्मत कार्रवाई विभागीय पदाधिकारी करें. इसके अलावा प्रभारी सचिव ने निर्देश दिया कि सभी तालाबों में सौलर पम्प लगाकर पानी की आपूर्ति करना सुनिश्चित करें. प्रभारी सचिव ने कहा कि 10 हजार कुकुट पालन वाले केन्द्र भी इस जिला में सम्बंधित पदाधिकारी खुलवाएं.

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार शौचालय बनाकर जिला को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया, उसी प्रकार बाल- विवाह मुक्त पंचायत/प्रखंड/जिला घोषित किया जाय. उक्त बातें बैठक में पहुंची डॉ एन विजयलक्ष्मी ने कही. शेखपुरा जिले को पेयजल एवं सुखाड़ की समस्याओं से निजात दिलाने को लेकर एक बैठक की गई. इस बैठक में शेखपुरा जिला प्रभारी सह पशु एवं मत्स्य विभाग की सचिव डॉ एन विजयलक्ष्मी ने शामिल होकर बारीकी से समीक्षा किया. सचिव डॉ एन विजयलक्ष्मी की अध्यक्षता में ही शेखपुरा में सुखाड़ एवं अन्य विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक हुई.

इसके पूर्व जिला प्रभारी सचिव के द्वारा समाहरणालय में नव निर्मित सभाकक्ष का फीता काटकर शुभारंभ किये गए. बैठक में डीएम इनायत खान ने सुखाड़ से निपटने के विभिन्न उपायों के बारे में विस्तृत से जानकारी दी. डीएम ने कहा कि इसके लिए नियंत्रण कक्ष एवं क्यूआरटी का गठन किया गया है. सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी निर्देश दिये गए हैं कि वे प्रतिदिन पेयजल से निपटने के लिए समीक्षा बैठक करें. बैठक में बताया गया कि  अबतक 173 वार्ड में बोरिंग का कार्य पूर्ण हो गया है. पेयजल संकट से सर्वाधिक प्रभावित पंचायतों को विशेष प्राथमिकता दिया जा रहा है. जांच टीम के द्वारा अकार्यरत चापाकलों एवं पेयजल की सूची बनाई गयी है. जिसकी मरम्मति पीएचईडी के माध्यम से कराया जा रहा है.

कार्यपालक अभियंता पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि पानी के टैंकरों के साथ अत्यधिक पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति की जा रही है. वितीय वर्ष 2018-19 में जिला में मनरेगा योजना से 98 तालाब/आहार का निर्माण पूर्ण किया गया है. इसके अलावे सात निश्चय योजना के अंतर्गत हर घर नल-जल योजना के क्रियान्वयन पर तेजी से कार्य चल रहा है. बैठक में बताया गया कि पशुओं को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 14 सौर चालित नाद का निर्माण किया गया है.

शेष 6 एक सप्ताह के अंदर पूर्ण हो जायेगा. प्रभारी सचिव के द्वारा जिला पशुपालन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि पशुओं को सुबह और शाम को ही पानी पिलाना श्रेस्कर होगा. उन्होंने कहा कि अनावश्यक पानी बहाकर जल संकट पैदा नहीं करें. पीएचईडी के पदाधिकारियों ने बताया कि 314 वार्ड में हर घर नल-जल योजना का कार्य शुरू किया गया है. जिसमें से 124 पूर्ण हो चुका है. 190 में कार्य चल रहा है. इस पर प्रभारी सचिव ने पूछा कि योजना को पूर्ण करने में अनावश्यक बिलंब क्यों हो रहा है.  जिसका जवाब देते हुए कार्यपालक अभियंता पीएचईडी ने बताया कि संवेदक द्वारा ससमय कार्य नहीं किया गया है.

प्रभारी सचिव ने कहा कि कार्य नहीं करने वाले संवेदकों के ऊपर तत्काल विधि-सम्मत कार्रवाई करें. मत्स्य विभाग की समीक्षा में जिला मत्स्य पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि तालाब में पानी की मात्रा बहुत कम है. जिसपर  प्रभारी सचिव ने निर्देश दिया कि सभी तालाबों में सौलर पम्प लगाकर पानी की आपूर्ति करना सुनिश्चित करें. डॉ एन विजयलक्ष्मी ने कहा कि विभाग से अतिरिक्त लक्ष्य की मांग करें मैं उसे में पूर्ण करूगी. उन्होंने सभी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का भी निर्देश दिया. बैठक में जिला पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि एफएमडी टीकाकरण 83 हजार पशुओं को दिया गया है.

जबकि जिला का लक्ष्य 96 हजार निर्धारित है. प्रभारी सचिव द्वारा निर्देश दिया गया है कि जिले के सभी पशुओं को टीकाकरण कराना सुनिश्चित करेंगे. जिला में कृत्रिम गर्भधान 16 केंद्र संचालित है. जिले के 17 पशु चिकित्सालय केंदों पर निर्धारित सभी 42 प्रकार की दवा उपलब्ध है. जिले में दवा की कोई कमी नहीं है. भेड़ बकरी एवं कुकुट पालन के लिए विस्तृत प्रचार- प्रसार करने का निर्देश दिया. प्रभारी सचिव ने कहा कि 10 हजार कुकुट पालन वाले केन्द्र भी खोले.

जिला में दूघ प्रशसंकरण केंद्र खोलने पर प्रभारी सचिव ने विशेष बल दियें इसके माध्यम से पनीर, खावा, आदि बनाकर किसान अधिक मुनाफा कमा सकतें है. प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना, प्रधानमंत्री सिंचाई परियोजना को सभी किसानों तक पहुँचाने का निर्देश दिये. बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना को जननी बाल सुरक्षा योजना से तय किया गया है. बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं योजना को जन- जन तक पहुँचाने का निर्देश दिया गया है. शेखपुरा प्रखंड में एक अत्याधुनिक महिला सशक्तिकरण कार्यालय खोलने का निर्देश दिया गया है.

इस केन्द्र पर महिलाओं के जीवन- यापन एवं रोजगार से जोड़ने की प्राथमिकता दी जायेगी. उन्होंने कहा कि बाल विवाह समाज के लिए अभिशाप है. जिस प्रकार शौचालय बनाकर जिला को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया. उसी प्रकार बाल- विवाह मुक्त पंचायत /प्रखंड/जिला घोषित किया जाय. इसकों दो-तीन साल में समाप्त करना आवश्यक है. पुलिस अधीक्षक एवं सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिये कि बाल-विवाह को रोकने के लिए अबिलम्ब हर संभव उठायें.

प्रभारी सचिव के द्वारा जिले के विकास से संबंधित कई मुद्दों पर समीक्षा की गयी. उन्होंने अधिकारियों से भी इस संबंध में विचार-विमर्श किये. इस बैठक में पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, गोपनीय प्रभारी, जिला जन-सम्पर्क पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी जिला स्तरीय सभी पदाधिकारी के साथ-साथ अंचलाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी उपस्थित थे.

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