शेखपुरा में माहुरी ठाकुरबाड़ी के जल्द बहुरंगे दिन, मंदिर से जुड़े लोगों ने की बैठक

'माहुरी ठाकुरबाड़ी' के पुराने मंदिर के नए भवन के जीर्णोद्धार के लिए मंदिर से जुड़े लोगों की बैठक

लाइव सिटीज,शेखपुरा(नीतीश कुमार) : अब वह दिन दूर नहीं जब शेखपुरा में माहुरी ठाकुरबाड़ी के जल्द ही दिन बहुरंगे. शेखपुरा जिला के माहुरी टोले में स्थित ‘माहुरी ठाकुरबाड़ी’ के पुराने मंदिर के नए भवन के जीर्णोद्धार के लिए मंदिर से जुड़े लोगों की बैठक की गई. इस बैठक में भव्य मंदिर निर्माण को लेकर आपस में कई बिंदुओं पर बात विमर्श भी किये गए.

शेखपुरा के माहुरी टोला में माहुरी ठाकुरबाड़ी के नाम से मसहूर मंदिर का इतिहास लगभग सवा दो सौ साल पुरानी है. शेखपुरा के माहुरी समाज शुरू से ही धार्मिक और पुजा पाठ करने वाले थे. जिसे लेकर समाज के ही जमींदारों द्वारा इस माहुरी ठाकुरबाड़ी को दान में दिया गए. जमीन पर चंदे से राशि इकट्ठा कर बनाया गया था.

जिसमें लगभग 250 माहुरी परिवार शामिल हैं. लगभग 100 – 150 लोग इस मंदिर में रोजाना भगवान की पूजा- अर्चना करने आते है. मंदिर में बजरंगबली की प्रतिमा के साथ- साथ शिवलिंग एवं अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां भी स्थापित है. इस मंदिर में खासकर माहुरी परिवार के लोग ही पूजा करते है. हर मंगलवार को मंदिर के प्रांगण में भव्य हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में पूजा करने से भगवान सारी मनोकामना पूर्ण करते है.

क्या है खासियत

शेखपुरा के माहुरी समाज में जब भी बच्चे का जन्म होता है, तब उन्हें इस मंदिर में आशीर्वाद लेने एक बार अवश्य ही पहुंचते हैं. अगर शादी का मुहूर्त हो तो सबसे पहला निमंत्रण मंदिर के पुजारी को ही दिया जाता है. अगर किसी का मौत हो जाए तो मंदिर के सामने से गुजरे बिना शमसान घाट भी नही ले जाया जाता है. सामाज के शिक्षित – अशिक्षित या अमीर हो या गरीब सभी लोग इस परम्परा को निभाते हैं.

मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए कमेटी बनाने को लेकर बैठक की गई. जिसमें मंदिर बेहद प्राचीन होने के कारण मंदिर के गुम्बजों एवं मंदिर के छज्जे में दरार आने से जान-माल के नुकसान होने की संभावनाओं को देखते हुए ठाकुरबारी के प्रांगण में बैठक आयोजित की गई. जिसमें कमेटी बनाकर मंदिर को नए स्वरूप देने एवं इसके लिए चंदा कर राशि इकट्ठा कर मंदिर में मूलभूत सुविधा उपलब्ध करने को लेकर चर्चा की गई.

सभी घरों में मंदिर के नाम पर एक दान पेटी रखने का निर्णय लिया गया. ताकि घरों में पूजा- पाठ कर रही महिलाएं और पुरूष मंदिर के विकास के नाम पर कुछ दान रोजाना कर सकें. इस मौके पर माहुरी वैश्य मंडल के सचिव सुभाष बरबिगहिया, पिंटू बरहपुरिया ,दिलीप भदानी ,नवीन कुमार, नंदलाल ,रोहित, श्रीकांत, विक्की के साथ अन्य लोग उपस्थित थे.

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