महिला हेल्पलाइन हो रही है मददगार साबित

शेखपुरा.(ललन कुमार): समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित महिला हेल्पलाइन घरेलू हिंसा पीड़ितों के लिए काफी मददगार साबित हो रहा है. वर्षों से दो दिलों के बीच आई कड़वाहट को मिठास में बदलने और घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने में यह हेल्पलाइन अपनी अहम भूमिका निभा रहा है.

महिला हेल्पलाइन की परियोजना प्रबंधक अमृता दयाल ने बताया कि महिला हेल्पलाइन से घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को इंसाफ मिल रहा है. यह इंसाफ कई स्तरों से गुजरने के बाद मिलता है. ख़ास कर महिला पति और ससुराल के लोंगों से ज्यादा पीड़ित होती हैं, वैसा ही मामले महिला हेल्पलाइन में आती है. अभी तक महिला हेल्पलाइन शेखपुरा में 392 घरेलू हिंसा से जुड़े मामले दर्ज किये गए हैं. इन दर्ज मामलों में 355 मामलों को निष्पादित भी किया जा चुका है.

उन्होंने बताया कि हाल ही में चेबाड़ा की नाज प्रवीण को घरेलू हिंसा के दर्ज मामले में हेल्पलाइन द्वारा इंसाफ मिला. पीड़िता प्रवीण के दर्ज मामले के अनुसार उसका पति मजहर आलम ने धोखा देकर दूसरी शादी मैमूल निशा के साथ कर ली और गुप्त तरीके से किराये के मकान में रख रहने लगा. इसी बीच प्रवीण की एक बच्ची पैदा हुई. बच्ची के पैदा होते ही उसे तरह-तरह का प्रताड़ना ससुराल वालों द्वारा दिया जाने लगा.

कुछ दिन पहले ही उसे भनक लगी कि उसके पति दूसरी शादी कर दूसरी बीबी को किराए के मकान में रख उसका परवरिश कर रहा है, जिसका वह विरोध करने लगी. इसी को उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया गया. उन्होंने महिला हेल्प लाइन से इन्साफ की गुहार लगायी. मामला दर्ज कर दोनों पक्षों की सुनवाई की गयी. नाज  और उसकी बच्ची की परवरिश के लिए न्यायालय को डीआईआर प्रपत्र भर कर दी गयी, जिसपर न्यायालय ने पीड़िता प्रवीण के पति  मजहर आलम को  नाज प्रवीण और उसकी बच्ची के भरण पोषण के लिये 4000 रु प्रतिमाह मुआवजा देने का फैसला सुनाया.

परियोजना प्रबंधक दयाल ने बताया कि एक अन्य मामले में बरबीघा थाना क्षेत्र के डीह निजामत निवासी अनीता देवी ने अपने पति राहुल चौधरी और ससुराल वालों पर मारपीट कर घर से निकाल देने की शिकायत की. दोनों पक्षों के बीच काफी कड़वाहट आ चुकी थी. एक दूसरे को देखना तक पसंद नहीं करते थे, लेकिन महिला हेल्पलाइन ने दोनों पक्षों को नोटिस कर काउंसिलिंग की. कई स्तरों पर दोनों पक्षों के दिलों में घुली कड़वाहट को मिठास में बदलने की कोशिश की गयी.

अंततः दोनों पक्षों की कड़वाहट घुल गयी. दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ. ख़ुशी ख़ुशी अनीता अपने पति राहुल के घर चली गयी और रह भी रही है. प्रबंधक दयाल ने बताया कि घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को हेल्पलाइन में बिना किसी खर्च के ही इन्साफ दिलायी जाती है.

 

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