मक्के में दाना नहीं निकला तो परेशान था किसान, कर ली आत्महत्या

शिवहर, रंजीत मिश्रा : तरियानी थाना क्षेत्र के राजाडीह गांव के वार्ड नंबर 10 में मध्यमवर्गीय 55 वर्षीय किसान नारद राय की आत्महत्या करने से कई सवाल खड़े हो गए हैं. छ: बच्चों के पिता स्वर्गीय राजमंगल राय के 55 वर्षीय पुत्र किसान नारद राय के पास मात्र 7 कट्ठा जमीन ही है तथा अपना जीवन भरण-पोषण को लेकर ढाई बीघा जमीन एक जमींदार से हुंडा पर लिया था.

इस बार मक्का की फसल में मक्का में दाना नहीं होने के कारण वे काफी दिनों से चिंतित भी थे. स्वर्गीय नारद राय ने मंगलवार को ही अपनी जीवन से हार मान कर आत्महत्या करने का प्लान बना लिया था. इसी कारण वह अपने मक्के के खेत में जाकर मक्के का फसल को देखकर शायद निराश थे.

इसीलिए वह जहर खाकर मक्का के खेत में ही बेहोश पड़े हुए थे. परिजन सुबह 7 बजे खेत की तरफ गये तो मक्का के खेत में ही बेहोशी हालत में स्वर्गीय नारद राय पड़े हुए थे. परिजनों ने इलाज कराने को लेकर मुजफ्फरपुर पारस हॉस्पिटल ले गये. जहां उनका इलाज किया जा रहा था. इसी बीच आज बुधवार को सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया.

इस बाबत तरियानी प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉक्टर संजय कुमार, कृषि पदाधिकारी विष्णु देव कुमार रंजन, तरियानी अंचलाधिकारी विपिन कुमार पीड़ित के घर पर जाकर मौके का जायजा लिया तथा उनके परिजनों को प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा कबीर अंत्येष्टि के तहत नगद 3000 दिया गया.

एक ग्रामीण ने बताया कि नारद राय गरीबी से जूझ रहा था तथा यहां जमीनदारी प्रथा भी पीछा नहीं छोड़ रहा है. जमींदारों को किसी भी सूरत में तय किए हुए हुंडा की राशि देनी होती है. शायद इसी से तंग आकर खेत में जाकर ही इहलीला समाप्त कर ली. जबकि तरियानी अंचलाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया है कि पीड़ित परिजनों को परिवारिक लाभ दिया जाएगा.

मृतक के परिजनों ने बताया है कि मक्का के खेत में मक्का में दाना नहीं होने के कारण काफी दिनों से निराश हैं तथा हुंडा की रकम देने को लेकर काफी चिंतित भी थे. वहीं कुछ ग्रामीणों ने बताया है कि उनके 5 पुत्र है लेकिन घर में आमदनी नहीं होने के कारण हुई व्याकुल रहते थे. जिले में इस तरह एक किसान को आत्महत्या करना कई सवाल छोड़ गए हैं तथा प्रशासन के लिए यह किसी चुनौती से कम नहीं है.

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