दहेज प्रथा समाप्ति को ले संघर्षशील युवा अधिकार मंच चलायेगा जागरुकता अभियान

शिवहर; समाजिक परिवर्तन  से ही देश और समाज में बदलाव आयेगा. इसके लिए लोगों को शिक्षित बनाने के लिए जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है.  समाज को शिक्षित किये बिना सामाजिक परिवर्तन नहीं होगा. संघर्षशील युवा अधिकार मंच समाज के हर उस कुरीति जिससे हम सभ्य समाज के लोग नही कहे जा सकते  है को खत्म करने के लिए जोरदार आंदोलन और जागरूकता अभियान बहुत जल्द शुरू करने जा रहे हैं.

समाज की एक कुरीति है दहेज प्रथा जिसको खत्म करने के लिए मंच पूरे शिवहर मे जागरूकता अभियान चलायेगा. मंच के लोग घर-घर जाकर लोगों को समझायेंगे कि अपने बेटे के शादी मे दहेज ना लें. साथ ही साथ जिस लड़की वाले से आप दहेज नही ले रहे है उसके बाद उस परिवार के घर के सदस्यों से वादा करवायें कि वो भी अपने बेटे के शादी मे दहेज न ले फिर वो परिवार भी ऐसा ही करे. ऐसे एक चेन (श्रृंखला) तैयार होगा. साथ ही साथ युवाओं को सेमिनार आयोजित करके देहज मुक्त समाज बनाने के लिए जागरूक किया जाएगा.  समाज का एक और कुरीति है जातिप्रथा. जातिप्रथा का अर्थ अपने जाति को श्रेष्ठ तथा दूसरी जाति को नीच समझना है. जो हमारे समाज मे या यूं कहें कि हमारे लहू मे गहराई से जकड़ चुका है.

मंच का मानना है की जाति प्रथा को खत्म करने का सबसे कारगर उपाय अन्तरजातिय विवाह को सर्पोट करना है. साथ ही अन्तरजातिय विवाह करने वाले को सुरक्षा साथ देने की जरूरत है.  मंच ये मानता है कि प्रेम बहुत पवित्र होता है और मंच हर प्रेम करने वाले को सुरक्षा प्रदान करेगा. साथ ही सरकार से मांग करेगा कि अन्तरजातिय विवाह करने वाले को सरकारी नौकरी दें.  मंच पोस्टर बैनर के माध्यम से अन्तरजातिय विवाह को बढ़ावा देगा. मंच सदैव युवाओं के साथ है. मंच का मानना है कि जिस देश की आधी आबादी घर में कैद है वो देश विकाश नही कर सकता. बहुत सारे घर मे लड़की शादी के बाद कैद हो जाती है. घर घर जाकर औरतों को जागरूक किया जाएगा कि आप घर मे कैद न रहे है, आप बिलकुल आजाद रहे.

 अगर कोई विरोघ करे उसके खिलाफ आवाज उठायें वैसे भी बदलाव आकार लेकर परिवर्तन का रूप लेता है जो झूठ और कुतर्क के धरातल पर टीके तो सभ्यता, संस्कार, परंपरा मे बदलाव होने के कारण परंपरा तथा धर्म के ठेकेदारों को बुरा तो लगेगा ही है, लेकिन क्रांति बस परिवर्तन जानती है. इसी तरह बुर्का प्रथा, बलि प्रथा, बहु विवाह, बाल विवाह  समेत समाज की हर बुराई के खिलाफ निर्णायक क्रांति के आगाज का फैसला लिया गया है. इस बैठक की अध्यक्षता मंच अघ्यक्ष आदित्य कुमार ने किया. इस मौके पर मुकुन्द प्रकाश मिश्र, रवि वर्मा, विक्की गुप्ता, रवि शंकर वर्मा, अरविन्द कुमार, आदि उपस्थित थे.

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