शिवहर जिला बार एसोसिएशन ने चुनाव में गड़बड़ी को लेकर बिहार कांउसिल को लिखा पत्र

पुनः बार एसोसिएशन का चुनाव कराने की मांग की गई

लाइव सिटीज, शिवहर(रंजीत मिश्रा): जिला बार एसोसिएशन के चुनाव में भारी मात्रा में गोलमाल के संबंध में कई अधिवक्ताओं सहित बार एसोसिएशन के निकटतम प्रतिद्वंदी अधिवक्ता सतीश नंदन सिह चेयरमैन बिहार बार कांउसिल पटना को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि शिवहर जिला बार एसोसिएशन के चुनाव में भारी मात्रा में गोलमाल किया गया है.

अधिवक्ता सतीश नंदन सिह, अधिवक्ता अवध किशोर जी, अधिवक्ता संजय कुमार, मनोज कुमार, अविनाश कुमार सहित कई अधिवक्ताओं ने हस्ताक्षर युक्त आवेदन बिहार काउंसिल के चेयरमैन को पत्र लिखकर पूरी जानकारी से अवगत कराते हुए शिवहर जिला बार एसोसिएशन के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी है.

बिहार बार काउंसिल के चेयरमैन को दिए गए आवेदन में बताया है कि निर्धारित 6 अप्रैल 2019 को शिवहर बार एसोसिएशन का चुनाव किया गया था, जिसमें एक ही पद के लिए दो- दो बैलट की आपूर्ति की जा रही थी. सौभाग्य वश लिफाफा में बंद कर दिए जा रहे बैलट को देखकर मतदाता विरोध किए, साथ ही सदस्यों में से अधिकांश विरोध किया तो मतदान स्थगित कर चुनाव पदाधिकारी के द्वारा मतदान को रद्द कर दिया गया.

पुनः इतना कुछ पक्षपात होने के बावजूद भी वह इस्तीफा नहीं किए. पुनः वही चुनाव पदाधिकारी चुनाव की तारीख 15 अप्रैल 2019 को सूचना दे डाली. इन सारी गलत वो गैरकानूनी कार्यो, मतदाता सूची का विरोध निश्चित रूप से चुनाव पदाधिकारी को किया गया. लेकिन चुनाव को रद्द कर दिया गया. वहीं मॉडल रूल के अनुसार मतदाता सूची भी नहीं बनाई गई थी.

अधिवक्ताओं ने पत्र में बताया गया है कि सबसे बड़ी बात मतदाता सूची की है. करीब 70 से 75 अधिवक्ता मौजूदा समय में प्रैक्टिस में है, लेकिन मतदाता सूची 176 सदस्यों की बनाई गई है, करीब 100 सदस्य नए प्रैक्टिशनर है या सरकारी नौकरी में है, पत्रकार है, शिक्षक है, व्यवसाय में है जो कभी बार एसोसिएशन में आते ही नहीं हैं. सिर्फ बुलाने व लाभान्वित करने पर वोट देने दो वर्षो में आते हैं.

अधिवक्ताओं ने दिए गए पत्र में बताया है कि गत चुनाव में कुल मतदान 160 हुआ था जबकि प्रैक्टिशनर सदस्य मात्र 70 से 75 है फिर 160 पोल कैसे हो गया, यह सोचनीय विषय है. अधिवक्ताओं ने कई अधिवक्ताओं का नाम लिख कर भेजा है जो प्रैक्टिस में आते ही नहीं है.  उन्होंने अनुरोध किया है कि गत मतदान को रद्द करते हुए नए प्रैक्टिशनर को जांच कर जो सरकारी सेवा में है, व्यवसाय में है उनका नाम मतदाता सूची से हटा कर पुनः मतदान कराने का मांग की है.

गौरतलब हो कि जिला बार एसोसिएशन के चुनाव में 15 अप्रैल 2019 को हुए मतदान में अध्यक्ष पद पर वरिष्ठ अधिवक्ता शिशिर कुमार की जीत हुई थी. उन्होंने उपरोक्त बातों को खंडन करते हुए कहा है कि सार्वजनिक रूप से निर्वाची पदाधिकारी के समक्ष बार एसोसिएशन कार्यालय में मतदान की प्रक्रिया संपन्न हुई थी जिसमें मैं अध्यक्ष पद पर निर्वाचित किए गए हैं.

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