महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बनी हिरम्मा की सुल्ताना

शिवहर : “नई सदी की नींव तुम्हीं को, अब है रखवानी बहुत सो चुकी अब तो जागो, ओ नारी कल्याणी”  पंडित श्री राम लोचन शर्मा ने सच ही कहा था कि 21 वींसदी महिलाओं का होगा. महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे आ रही हैं. सुल्ताना भी मेहनत की बदौलत महिलाओं की प्रेरणा स्रोत बन गई है. तरियानी प्रखंड के हिरम्मा गांव के मो. खलील की पुत्री सुल्ताना 20 वर्ष की है. शादी शुदा भी है. उसकी ससुराल पूर्वी चंपारण जिले के राजेपुर में है.

मायके में ही रहकर छोटी सी गुमती में दुकान चलाती है. सुल्ताना का पति दिल्ली में मजदूरी करता है. कड़ाके की ठंड हो या जेठ की चिलचिलाती धूप, सुल्ताना को साइकिल से शिवहर से दुकान के लिए सामान लाते देखा जा सकता है. पूछने पर कि पति तो काम करते ही हैं फिर तुम्हें कमाने की आवश्यकता क्यों पड़ी. सुल्ताना कहती है कि पति पत्नी मिलकर काम करें तो पत्नी पति की गठरी नहीं बनेगी. उसके बाल बच्चे नहीं हैं, फिर आने वाले बच्चे के भविष्य को लेकर पैसा इकट्ठा कर रही है.

सुल्ताना को खुद अक्षर का ज्ञान नहीं बस थोड़ी बहुत उर्दू पहचानती है. वह कहती है कि उसके बाप मतारी पढ़े लिखे न हो, वह जरुर अपने बच्चे को पढ़ाते हैं. वह कहती है कि अपने बच्चियों को किसी दुकान पर ना लाकर डॉक्टरी या कंप्यूटरी पढ़ाएगी. सुल्ताना ने खुद की कमाई से 40 हजार रूपये में जमीन खरीद झोपड़ी बना ली है. ऐसी महिलाओं को देख कर लगता है कि अवश्य ही 21वीं सदी में उज्जवल भविष्य का सपना साकार होगा.

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