VIRAL है : मोदी जी, कोई 12 घंटे प्राइवेट काम कर 8000 कमाए, सरकारी चपरासी 45 हजार क्यों?

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: आज के समय में इंटरनेट और सोशल मीडिया ने पूरी दुनिया को एक ऐसा प्लेटफार्म दे दिया है कि कोई भी व्यक्ति अपनी बात दुनिया के सामने आसानी से रख सकता है. वहीं कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक पत्र वायरल हो रहा है. इसको लिखने वाला एक ‘गरीब नागरिक’ है. इस वायरल लेटर में देखा जा सकता है कि अज्ञात आदमी ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पत्र लिखा है. उसने विषय में लिखा है – प्राइवेट नौकरी में हो रहे अत्याचार की सूचना हेतु प्रार्थना पत्र.

इस लेटर को लिखने वाले ने अपने आप को एक गरीब नागरिक बताया है. उसने पत्र में लिखा है कि महोदय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, किसी भी प्राइवेट स्कूल, प्राइवेट अस्पतालों और प्राइवेट बैंकों में जॉब करने वालों को 8 हजार से 10 हजार सैलरी मिलती है जबकि नौकरी 10 से 12 घंटा करना होता  है. वहीं एक सरकारी दफ्तर के चपरासी को भी 45 हजार तक तनख्वाह मिलता है. जबकि वह 8 घंटा ही काम करता है.

इसमें आगे लिखा गया है कि PM साहब मैं यह नहीं कह रहा हूं कि मुझे 8 घंटे की नौकरी चाहिए. मैं 12 घंटा जॉब करने के लिए भी तैयार हूं. लेकिन बस हमें इतना तनख्वाह मिलना चाहिए कि अपने परिवार का खर्चा चला सकें. इसके साथ- साथ अपने दो बच्चों को सही ढंग से पढ़ा सकें. अगर कोई बीमारी हो जाए तो पैसे से दवा ला सकें.

वायरल फोटो

गरीब नागरिक ने आगे लिखा है कि अगर कोई सरकारी नौकरी कर के 100 मीटर का घर 5 साल में ले सकता है. जबकि एक प्राइवेट नौकरी करने वाला 8 हजार रुपया कमा कर 10 साल में भी एक घर नहीं ले सकता. मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध करता हूं कि कम से कम प्राइवेट नौकरी करने वालों का 20  से 24 हजार रुपया तक सैलरी होनी चाहिए. जिससे परिवार का सही से गुजारा हो सके.

उसने आगे लिखा है धन्यवाद आपका, गरीब नागरिक. आपको बता दें कि यह पोस्ट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इस पोस्ट पर लोग खूब प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं.

 

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राजनीति, क्राइम और खेलकूद....

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