सोशल : ‘अगर JNU का नाम बदलकर नाथूराम गोडसे रख दिया जाए तो’

लाइव सिटीज डेस्क : छात्रों में देशभक्ति जगाने के लिए जेएनयू के कुलपति एम जगदीश कुमार जेएनयू कैंपस के अंदर सेना का एक टैंक रखना चाहते हैं. दरअसल, रविवार को करगिल विजय दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में कुलपति एम जगदीश कुमार ने केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान और जनरल वीके सिंह से गुजारिश की कि वे यूनिवर्सिटी को सेना का एक टैंक दिलवाने में मदद करें.

उनके मुताबिक टैंक को कैंपस में एक जगह रखा जाएगा जो छात्रों को सेना के बलिदान की याद दिलाता रहे.  लेकिन उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर खूब चुटकी ली जा रही है.

गीता यथार्थ यादव लिखती हैं 

सुनो दोस्तों,

अगर #JNU में टैंक सैंक आया तो हम सब सेल्फी लेने चलेंगे टैंक के साथ.

नेचरल/मेकअप वो आप अपनी मर्ज़ी से डिसाइड कर लेना.
??

(हद हैं तेरी देशभक्ति )

अनुज शर्मा लिखते हैं 

ये #JNU वाले आख़िर किस बूते अपने इंस्टीटूट को इतना ऊँचा जताते हैं भई ??
बातें करते हैं बड़ी बड़ी , और एक #टैंक तक है नही इनके पास..☹
जाने कैसे पानी पीते होंगे वहां विद्यार्थी ?

विश्वविद्यालय में ये सुविधा नही जबकि हमारे तो नर्सरी स्कूल में भी था टैंक….पूरे 600 लीटर का !!!!!

नैना नकवी ने लिखा-

अगर #JNU का नाम बदलकर #NGU
#नाथूराम_गोडसे_यूनिवर्सिटी रख दिया जाए तो
सारा लफड़ा ही ख़त्म हो जायेगा..

निशांत यादव ने फ़ेसबुक पर लिखा, ”अगर कोई जेएनयू में टैंक रखने को तैयार न हो तो किसी मुच्छड़ जनरल को वाइस चांसलर ही बना दो. सारा टंटा ही ख़त्म.”

कोमल सिंह लिखती हैं, ”हां टैंक तो होना चाहिए. देशद्रोहियों में देशभक्ति की भावना जागेगी और देशभक्तों का डर भी.”

फहीम अहमद लिखते हैं, ”आज की तारीख में जो लोग थोड़ा बहुत भी फेसबुक और वॉट्सऐप चला रहे हैं वो लोग भी जेएनयू जैसी महान संस्था के बारे में अपनी राय रख रहे हैं.”

मृत्युंजय प्रभाकर कहते हैं, ”ये तो पुराने छात्रों के साथ नाइंसाफी होगी. जेएनयू के पुराने छात्रों को एक-एक तोप मिलनी चाहिए. उसका मुंह घर की तरफ भी चलेगा.”

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