नीतीश कुमार हैं देश के ‘महामुख्यमंत्री’, देखें अन्य टॉप 10 की लिस्ट भी

लाइव सिटीज डेस्क : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार देश के ‘महामुख्यमंत्री’ हैं. वे विकास, गवर्नेंस और राज्य के बाहर प्रभाव इत्यादि पैमानों पर देश केइ मुख्यमंत्रियों से कहीं आगे हैं. उनकी राजनीति में बीते वर्षों में आये तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद नीतीश कुमार अभी भी देश के कई राजनीतिज्ञों में एक विशेष स्थान रखते हैं. ये बातें ‘Scroll.in’ की हिंदी की प्रतिष्ठित न्यूज़ वेबसाइट सत्याग्रह’ ने कही हैं.

सत्याग्रह ने साल 2017 में देश के टॉप-10 मुख्यमंत्रियों की सूची प्रकाशित की है. वेबसाइट की संपादकीय टीम ने इनमें कई पैमानों पर परखने के बाद नीतीश कुमार को ‘महामुख्यमंत्री’ घोषित किया है. वेबसाइट कहता है – ‘महामुख्यमंत्री चुनने की प्रक्रिया में सत्याग्रह की संपादकीय टीम ने छह पैमाने तय किए – विकास, गवर्नेंस, पार्टी में स्थिति, राज्य के बाहर प्रभाव, गठबंधन राजनीति में स्वीकार्यता और प्रधानमंत्री बनने की कितनी संभावना. इन छह पैमानों पर देश के अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आंकने की कोशिश की गई.

कई सरकारी रिपोर्टों, जमीनी राजनीतिक हालत और राजनीतिक जानकारों की राय के आधार पर सत्याग्रह ने जब इन मुख्यमंत्रियों की स्थिति को इन छह पैमानों पर समझने की कोशिश की तो कई आश्चर्यजनक तथ्य सामने आए.’

वेबसाइट ने आगे लिखा है – ‘भाजपा के शिवराज सिंह चौहान, रमन सिंह और मनोहर पर्रिकर जैसे मुख्यमंत्रियों का प्रदर्शन विकास और गवर्नेंस के पैमाने पर तो अच्छा दिखा. लेकिन पार्टी की आंतरिक राजनीति में इनकी स्थिति उतनी मजबूत नहीं नजर आई. वहीं इसी साल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने भाजपा के योगी आदित्यनाथ पार्टी में स्थिति और राज्य से बाहर प्रभाव के मामले में तो पार्टी के दूसरे मुख्यमंत्रियों के मुकाबले सबसे मजबूत दिखे लेकिन विकास, गवर्नेंस और गठबंधन राजनीति में स्वीकार्यता के पैमाने पर उनका प्रदर्शन ठीक नहीं रहा.

nitish
फाइल फोटो

छठे पैमाने यानी प्रधानमंत्री बनने की संभावना पर सबसे अधिक अंक देश के सभी मुख्यमंत्रियों में से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मिले. इसकी सबसे बड़ी वजह नीतीश कुमार का भाजपा के पाले में चला जाना है. अगर नीतीश अभी भी विपक्ष का नेतृत्व कर रहे होते तो भले ही उन्हें अंतिम कामयाबी नहीं मिलती लेकिन संभावनाओं के खेल में जरूर वे आगे रहते. यही वह पृष्ठभूमि है जो ममता बनर्जी को बाकी मुख्यमंत्रियों के मुकाबले सबसे आगे खड़ा कर देती है.

सबसे आश्चर्यजनक बात इस बार यह उभरकर आई कि नीतीश कुमार मजबूत अब भी लगभग उतने ही बने हुए हैं. दरअसल, पलटी मारने के बावजूद आज भी वे इस स्थिति में हैं कि अगर वे फिर से पलटी मार दें तो पूरा विपक्ष तुरंत ही उनका भाजपा के साथ जाने का ‘पाप’ भूल सकता है. कुल मिलाकर विकल्पहीनता की जो स्थिति है, उससे नीतीश कुमार का कद अभी भी बाकियों के मुकाबले बड़ा दिखता है.’

इसके बाद सत्याग्रह ने नीतीश कुमार के बारे में अपनी टिप्पणी में कहा है – ‘जब सत्याग्रह की टीम ने इस साल का महामुख्यमंत्री चुनने की कवायद शुरू की तो शुरुआती धारणा यही थी कि 26 जुलाई, 2017 को अपनी ‘अंतरात्मा की आवाज’ पर महागठबंधन छोड़कर भाजपा के साथ चले जाने वाले नीतीश कुमार पिछले साल के मुकाबले कमजोर दिखेंगे. लेकिन जैसे-जैसे यह प्रक्रिया आगे बढ़ी, वैसे-वैसे राजनीति से जुड़ी वह बात पूरी तरह सच साबित होती दिखी कि कई बार किसी नेता की सियासी हैसियत खुद से ज्यादा दूसरों की ताकत पर निर्भर करती है.

यह भारत की राष्ट्रीय राजनीति की विकल्पहीनता है कि इसमें नरेंद्र मोदी का कद इतना बड़ा दिखता है. और राज्य स्तर पर मौजूद विकल्पहीनता का नतीजा यह है कि नीतीश कुमार अब भी दूसरों के मुकाबले ज्यादा मजबूत नजर आते हैं. इसी विकल्पहीनता से यह बात भी निकलती है कि अगर कल किसी वजह से नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी की नहीं बनती है तो अभी चाहे विपक्षी दल कुछ भी कहें, नीतीश को स्वीकारने के अलावा उनके पास कोई दूसरा विकल्प शायद ही होगा.

नीतीश कुमार की किसी भी खेमे में जाकर फिट हो जाने की क्षमता उन्हें अब भी ताकतवर बनाए हुए है. राजनीतिक मूल्यों और सिद्धांतों को लेकर बहुत और बड़ी-बड़ी बातें की जा सकती हैं लेकिन किसी की सियासी हैसियत में इनकी कोई बड़ी भूमिका होती नहीं है.

देश में जितने भी मुख्यमंत्री हैं, उनमें अपने राज्य से बाहर प्रभाव के मामले में सबसे आगे नीतीश कुमार और योगी आदित्यनाथ ही दिखते हैं. अपनी कट्टर हिंदूवादी छवि के चलते योगी के पास उत्तर प्रदेश से बाहर भीड़ और कुछ वोट बटोरने की क्षमता भी है. लेकिन नीतीश की एक सर्वमान्य राष्ट्रीय पहचान है. हालांकि, प्रधानमंत्री बनने की संभावना के पैमाने पर वे पिछली बार के मुकाबले काफी कमजोर हो गये हैं. इसी वजह से एक बार को लगा कि शायद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू 2017 के महामुख्यमंत्री बन जाएंगे. लेकिन दूसरे पैमानों पर खुद को मजबूत बनाए रखकर एक बार फिर से नीतीश कुमार ही शीर्ष पर रहे.’

वेबसाइट के अनुसार देश के अन्य मुख्यमंत्रियों में ये लोग निम्न क्रम पर हैं – 2. चंद्रबाबू नायडू (आंध्र प्रदेश) 3. ममता बनर्जी (प. बंगाल) 4. शिवराज सिंह चौहान (मध्य प्रदेश) 5. अमरिंदर सिंह (पंजाब) 6. नवीन पटनायक (ओड़िसा) 7. योगी आदित्यनाथ (यूपी) 8. के चंद्रशेखर राव (तेलंगाना) 9. पिनराई विजयन (केरल) 10. मनोहर पर्रिकर (गोवा) और अरविंद केजरीवाल (दिल्ली)

(लाइव सिटीज मीडिया के यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)