Social Buzz : 80 वाला फेल, 71 वाला पास – कैसा लगा लालू जी?

नई दिल्‍ली : खबर पढ़ने के पहले पहली तस्‍वीर को देख लें.तस्‍वीर में साफ-साफ कहा गया है – यह एक व्‍यंग्‍य है,कृपया दिल से ना लें .‘  अब मुद्दे की बात को समझें. लोक सभा-विधान सभा चुनाव के रिजर्व सीटों को छोड़ दें, तो दाखिले और नौकरी की तरह राजनीति में कोई रिजर्वेशन सिस्‍टम काम नहीं करता. जोर-शोर से बना दल बदल विधेयक कानून भी अब गौण होता जा रहा है. वजह कि चुनाव के बाद गठबंधन ही बदल जा रहा है. बिहार सबसे बड़ा उदाहरण बना है.

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समझने की दूसरी बात यह है कि आज राजनीति फील्‍ड में कम सोशल मीडिया के प्‍लेटफार्म पर अधिक होती है. कौन कितना आक्रामक है, रोज-रोज दिखता है. ऐसे साफ्टवेयर डेवलप किये गये हैं, जो करोड़ों अकांउट्स के बीच से आपके दोस्‍त-दुश्‍मन की पहचान मिनटों में करा देता है. मशीनें 24 घंटे डाटा को फिल्‍टर करती रहती है.

अभी कुछ माह पहले स्‍वाति चतुर्वेदी की अंग्रेजी में किताब आई थी – I am a Troll. इसने खुलासा किया कि पालिटिकल पार्टियां ट्विटर और फेसबुक पर हैंडल करने के लिए कितना खर्च कर रही है. सब कुछ तय प्‍लान के तहत होता है. टाइमिंग तक निर्धारित होती है. किसे गरियाना है और किसे महान बताना है, टीम लीडर तय करता है. प्रत्‍येक के लिए पैसे मिलते हैं.

अब फिर से पहली तस्‍वीर पर आइए. यह तस्‍वीर टेक्‍स्‍ट फार्मेट में बिहार के अमुमन सभी व्‍हाट्सएप समूहों में पहुंच रही है. टारगेट ओरिएंटेड एक-एक शब्‍द हैं. निशाने पर लालू प्रसाद हैं. लालू प्रसाद को आरक्षण का मसीहा बताया गया है. जाहिर है, इस व्‍हाट्सएप संदेश को डिजाइन करने वाले रिजर्वेशन सिस्‍टम के खिलाफ हैं. देश में बहस चल रही है. अभी भाजपा नेता सुब्रह्मण्‍यम स्‍वामी ने कुछ कहा था, जिसे लेकर भी नुक्‍ताचीनी चल ही रही है.

खैर, व्‍हाट्सएप संदेश में निशाने पर रहे लालू प्रसाद से पूछा जा रहा है. अब कैसा लग रहा है लालू जी, आपको ? सबसे अधिक 80 सीटें मतलब नंबर अधिक थे आपके पास. फिर भी आपको कम नंबर वाले जदयू 71 और भाजपा 57 वाले के मुकाबले बाहर बैठना पड़ रहा है. है न तकलीफदेह ?

अब व्‍हाटसग्रुप में वायरल हो रहे दूसरे तस्‍वीर को देखें. यह सिर्फ बिहार के लिए फिट नहीं बैठता. फिर भी इसे बिहार के व्‍हाट्सग्रुप में अभी अधिक भेजा जा रहा है.

सड़कों की सूरत/ट्राफिक सिस्‍टम और दंड के कानून को फोकस किया गया है. बाकी आप सभी समझदार हैं, सब कुछ समझ लेने को.