Super-30 के 30 पहुंचे IIT में,कोई अंडे वाले का बेटा,तो कोई खेत मजदूर का दुलारा

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पटना : बिहार के गणितज्ञ आनंद कुमार की बहुचर्चित संस्था Super-30 का एक बार फिर से डंका बज गया है. साल 2017 की JEE परीक्षा में भी सुपर-30 के तीसों बच्चों ने बाजी मार ली है. JEE एडवांस्ड परीक्षा के रिजल्ट आज रविवार को ही घोषित हुए हैं. रिजल्ट की घोषणा और सुपर-30 के सभी बच्चों के सेलेक्शन के बाद आनंद कुमार ने फेसबुक पोस्ट लिखा है. इसमें उन्होंने इस बार सेलेक्ट हुए कुछ बच्चों का उदाहरण देकर बताया है कि गरीबी कभी भी सफलता के आड़े नहीं आती अगर मेहनत सच्चे मन से की जाये. आगे आप आनंद कुमार के ही शब्दों में पढ़ें उनका फेसबुक पोस्ट –



आनंद कुमार का फेसबुक पोस्ट

”आंसुओं से नज़रें चुराकर हंसने का हुनर देखना है तो सुपर 30 के आंगन में एक बार आइएगा जरूर. आज फिर से सुपर 30 के अपने आंगन में मैं कई सपनों को करवटें बदलते देख रहा हूँ. सफलता के शोर में गुरबत के दर्द को सिमटते देख रहा हूँ. पिछले 15 वर्षों से मैं हर साल यही अनुभव करते आ रहा हूँ.

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कामयाबी और सपनों में बड़ा गहरा रिश्ता होता है. जब मेहनत इरादों के रथ पर सवार होकर अपने सफर पर चल पड़ती है तो लाख मुसीबतों के बाद भी सफलता कदम चूमने को बेकरार हो जाती है. और इस बार के आई.आई.टी. प्रवेश परीक्षा के रिजल्ट में मेरे सभी 30 बच्चों ने सफलता के झंडे गाड़कर यह सिद्ध भी कर दिया है. चाहे बेरोजगार पिता का बेटा केवलिन हो या सड़क किनारे अंडे बेचने वाले का बेटा अरबाज आलम हो, खेतों में मजदूरी करने वाले का बेटा अर्जुन हो या फिर भूमिहीन किसान का बेटा अभिषेक. इन सभी 30 बच्चों ने घनघोर आर्थिक पिछड़ेपन के काले बादलों का सीना चीरकर अपने सफलता की रौशऩी से पूरे समाज को रौशन कर दिया है.

मैं आपने आपको बड़ा भाग्यशाली समझता हूँ क्योंकि मुझे मेरे पूरे परिवार के प्रत्येक सदस्य खासकर छोटे भाई प्रणव के साथ-साथ उन सभी शिक्षकों का सहयोग भी मुझे हासिल है, जो बच्चों के सफलता के लिए रात-दिन एक कर देते हैं.

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आज मेरे बच्चों ने मुझे कुछ और बड़ा करने का हौसला दिया है. बहुत ही जल्द मैं सुपर 30 का दायरा बड़ा करने जा रहा हूं. देश के कई हिस्सों में मैं घूम-घूम कर टेस्ट आयोजित करूंगा. ताकि 30 से ज्यादा बच्चों को उनकी मंजिल तक पहुंचा सकूं. मैं हर साल 30 बच्चों को अपने घर में रखता हूँ और खून-पसीने के अपने गाढ़ी कमाई के पैसे से ही उनके और अपने परिवार के लिए भोजन-भात का इंतजाम करता हूँ. आज तक मैंने किसी से एक रुपया चंदा नहीं लिया.

आगे सुपर 30 को बड़ा करने के लिए मुझे किसी से पैसे नहीं चाहिए. हां, आपके सपने जरूर चाहिएं. और चाहिए आपका आशीर्वाद. मैंने सुना है कि दुआओं में बड़ी ताकत होती है. तो आइये समय निकालकर कभी मिलने सुपर 30 के बच्चों से. रहेगा आपका इंतजार.”

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