Chevrolet की कार अब नहीं दिखेगी सड़कों पर, भारत में बंद किया कारोबार

C-w

लाइव सिटीज डेस्क : अमेरिकी कंपनी जनरल मोटर्स ने भारत में अपने वाहनों की बिक्री रोकने का फैसला कर लिया है. इसका मतलब है कि भारत में जनरल मोटर्स की शेवरोले कारें अब सड़कों पर दिखाई नहीं देंगी. जीएम ने हलोल, गुजरात में अपने पहले कारखाने से उत्पादन पिछले महीने ही रोक दिया था. जीएम भारत में शेवरोले ब्रैंड के कार बेचती है. इस लिहाज से देखें तो भारत में अब शेवरोले स्पार्क, बीट, एवियो आदि कारों के साथ ही क्रूज़ और ट्रेल ब्लेज़र भी नहीं बिकेंगी.

भारत में अपने कारों की बिक्री बंद करने के पीछे कंपनी ने कहा है कि भारत के लिए उसने जिस निवेश की योजना बनाई थी उससे अपेक्षित रिटर्न नहीं मिलने वाला है. शेवरोले ब्रान्ड के लिए अब बाजार नहीं है. हालांकि कंपनी यह मानती है कि भारत का ऑटो बाजार तेजी से बढ़ रहा है और अगले दशक में यह जापान को पीछे छोड़ तीसरे नंबर पर हो सकता है.

2016-chevrolet-cruze

भारत में अपने कारों की बिक्री बंद करने का मतलब यह नहीं है कि जीएम देश से अपना कारोबार समेत लेगी. जीएम अब तालेगांव, महाराष्ट्र स्थित अपने दूसरे कारखाने से वाहनों के विदेशी बाजारों में निर्यात पर ध्यान केंद्रित करेगी. तालेगांव में प्लांट की क्षमता 1 लाक 30 हजार कारों की है कंपनी के इस फैसले को भारत के के ‘मेड इन इंडिया’ को झटके के रूप में भी देखा जा रहा है. जीएम लगभग दो दशक से भारतीय बाजार में पैठ बनाने की कोशिश कर रही थी लेकिन लगातार विफलता को देखते हुए उसने आखिरकार यहां वाहनों की बिक्री बंद करने का फैसला किया है.

general-motors-factory-in-halol

शेवरोले की गाड़ियों का क्रेज घटा

जनरल मोटर्स द्वारा अपने शेवरोले ब्रांड की बिक्री बंद करने से भारतीय आॅटो बाजार को थोड़़ा झटका जरूर लगेगा. आपको बता दें कि शेवरोले ने साल 2015 में करीब 52 हजार गाड़ियां बेची थीं वहीं 2016 में यह घटकर मात्र 32 हजार तक रह गई. वहीं अगर मारूति आॅल्टो की बात करें तो जनवरी 2017 में मारुति ऑल्टो की ही 22 हजार 998 यूनिट बिकी हैं. भारत में कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार शेवरोले बीट रही.  इसके अलावा शेवरले सेल, शेवरले सेल युवा जैसी कारों ने भी कार बाजार पर अपनी अच्छी पकड़ बनाई थी. हालांकि भारतीय बाजार में मारुति सुजुकी का एकाधिकार रहा है जबकि दूसरे नंबर पर हुंडई का नाम आता है.

C-w

कंपनी ने जनरल मोटर्स इंडिया के कर्मचारियों को अपने फैसले से अवगत करा दिया है. हालांकि, कंपनी के इस फैसले से कितने कर्मचारी प्रभावित होंगे, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिल सकी है.

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कम से कम 200 कर्मचारी इस फैसले से प्रभावित होने वाले हैं.