‘ब्लू वेल’ के बाद अब ’48 Hour’ चैलेंज, बच्चों के लिए नई मुसीबत

लाइव सिटीज डेस्क : कई लोगों की जान लेने वाले ‘ब्लू वेल’ के बाद अब ’48 Hour’चैलेंज नाम की एक और गेम वायरल हो गया है. फेसबुक पर अब छोटे बच्चों को चैलेंज किया जा रहा है कि वे दो दिन तक के लिए अपने घरों से गायब होकर बताएं. यह बहुत ही अलग तरह का इंट्रेस्टिंग गेम है.

इस वायरल ट्रेंड में यह भी दावा किया जा रहा है कि बच्चों के गायब होने की अवधि में सोशल मीडिया पर जितनी बार उनके बारे में बात होगी, उन्हें उतने पॉइंट्स दिए जाएंगे. यानी, बच्चों के गायब होने के बाद उनके परेशान परिवार वालों और दोस्तों के उन्हें खोजने की अपील करने वाले पोस्ट्स के लिए उन बच्चों को पॉइन्ट्स मिलेंगे.

बताया जा रहा है कि यह गेम ‘ऑफ 72’ नाम की एक अन्य गेम की नकल है जो कुछ साल पहले दक्षिणी यूरोप में वायरल हुई थी. इसके चलते कई बच्चों ने 72 घंटों तक के लिए गायब हो जाने की कोशिश की थी.

सोशल मीडिया, खासकर फेसबुक पर इस तरह के बेतुके चैलेंज और ट्रेंड्स को हवा मिलती है. हाल ही में, एक डक्ट टेप चैलेंज भी शुरू हुआ था जिसमें बच्चे एक दूसरे को डक्टटेप में जकड़ते हुए पोस्ट कर रहे थे. एक बच्चे की आंखों में इस वजह से गहरी चोट आई थी. एक सिनेमन चैलेंज भी था जिसमें लोग एक चम्मच दालचीनी पाउडर खाने के बाद खांसते और उगलते दिखाई दे रहे थे. ये विडियो मज़ाकिया थे लेकिन डॉक्टरों ने चेताया था कि इसके कारण किसी की सांसें रुक सकती हैं और फेंफड़े भी काम करना बंद कर सकते हैं.

सॉल्ट ऐंड आइस चैलेंज के तहत लोग एक ही मुठ्ठी में नमक और बर्फ को साथ बंद कर रहे थे और विजेता वह होता था जो सबसे लंबे समय तक यह कर पाता था. नमक और बर्फ के मिलने पर बहुत ही कम टेम्प्रेचर हो जाता है जिससे कई लोगों को सेकंड और थर्ड डिग्री बर्न्स भी हो गए थे.

गेम ऑफ 72 के बारे में काउंटी डेरी की रहने वाली एक मां ने बेलफस्ट लाइव को बताया कि इस पागलपन से भरे मुकाबले की वजह से इनके परिवार को इतनी परेशानी उठानी पड़ी थी जिसे बयां नहीं किया जा सकता. उन्होंने बताया कि उनका बच्चा दूसरे बच्चों के साथ काउंटी डाउन और काउंटी अंत्रिम इलाकों से भाग गए और उन्हें 55 घंटे बाद बैलीमेना से बरामद किया गया.

उन्होंने कहा, ‘मैं डरी हुई थी कि कहीं उन्हें कोई मार ना दे, कोई उनके साथ रेप ना कर दे, या उन्हें बेच ना दे लेकिन इन बच्चों को सब मजाक लगता है. जब मेरे बच्चे को पुलिस कस्टडी में लिया गया या जब वह उन्हें घर लेकर आए, मुझे उनके माथे पर कोई शिकन नहीं दिखी. मैं पुलिस कार में ली गई उनकी सेल्फियां फेसबुक पोस्ट में देख रही थी.’

उन्होंने बताया कि उन्हें पता चला है कि इतने लंबे वक्त तक गायब रहने के कारण उनके बच्चे अपने सोशल सर्कल में इस गेम में सबसे आगे निकल गए हैं. उन्होंने कहा, ‘मेरा बच्चा अभी सिर्फ 14 साल का है, उसे समझ नहीं है कि यह कितना खतरनाक है. उन बच्चों को समझाने की ज़रूरत है.’