iPhone 5S खरीदने में नहीं है समझदारी! पढ़िए क्यों Apple के पुराने फोन से करें परहेज़

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लाइव सिटीज डेस्क : भारतीय फोन बाज़ार में शुरुआत से ही किसी ना किसी स्मार्टफोन का दबदबा देखने को मिला है. फीचर फोन के ज़माने में वो दबदबा नोकिया का था, स्मार्टफोन की शुरुआत के समय ये जगह सैमसंग को मिल गयी और अब एप्पल इसमें पैर जमा चुका है. दरअसल भारत में ग्राहक किसी स्मार्टफोन के ब्रांड पर इस कदर भरोसा करते हैं कि उनके द्वारा बेचे जा रहे हर प्रोडक्ट को बेस्ट मान बैठते हैं.

ताज़ा मामला एप्पल का है. जो कि अपने सालों पुराने बंद हो चुके मॉडल्स को भारतीय बाज़ार में अच्छे से भुना रहा है. हम बात आईफोन 5एस की कर रहे हैं और 5एस ही क्यों लोग आज भी एप्पल का आईफोन 4एस गर्व से खरीद रहे है.

इकॉनमिक टाइम्स में छपी रिपोर्ट के अनुसार जो आईफोन 5एस अभी अमेजन इंडिया पर 18 हजार रुपए में मिल रहा है, उसकी कीमत घटाकर 15 हजार की जा रही है, जबकि इससे नए आईफोन एसई के दाम घटाकर 20 हजार किए जा रहे हैं.

इसमें कोई शक नहीं है कि दोनों ही प्राइस एंट्री लेवल स्मार्टफोन सेंगमेंट में लोगों को आकर्षित कर सकते हैं लेकिन यहां सवाल ये हैं कि इस दाम में सालों पुराने आईफोन खरीदना कहाँ तक समझदारी का सौदा है.


सस्ता आईफोन है छलावा

जहाँ तक बात आईफोन के सस्ते हो जाने की है तो ये जान लेना जरुरी है कि सस्ता आईफोन एक छलावा है. ऐपल दाम घटाकर कोई महानता नहीं दिखा रहा है, बल्कि इस कदम के जरिए वह ऐसे नए ग्राहकों तक पहुंचना चाहता है, जो अब तक अपनी जेब को देखते हुए आईफोन खरीदने की हिम्मत नहीं कर पाए हैं.
सच्चाई ये है कि एप्पल को भारतीय बाज़ार देखते हुए समझ आया है कि बजट सेगमेंट के फोन्स यहां अच्छी खासी सेल कर लेते हैं. जहां अभी लेनेवो, आसुस और शाओमी जैसे ब्रांड्स का दबदबा है. आने वाले समय में 15 हजार रुपए में आईफोन 5एस सिर्फ ऑनलाइन खरीदा जा सकेगा और यह स्टोर्स में नहीं मिलेगा. वहीं आईफोन एसई ऑफलाइन सेल्स के लिए एंट्री लेवल सेगमेंट में उतारा जाएगा.

ऐसे में इस कीमत पर इन दो फोन्स को खरीदना कितना सही है इसके जवाब में सिर्फ यही कहा जा सकता है कि यह यह तीन साल पुराने फोन को बेचने की बढ़िया चाल है.

यहां गौर करने वाली बात ये है कि यह फोन ऐसे लोगों के हाथ में जाएगा जो पहली बार आईओएस इस्तेमाल करेंगे? इससे भी अहम, 15 हजार रुपए की घटी हुई कीमत पर भी क्या एक आउटडेटेड फोन को खरीदना चाहिए?

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यहां आती है समस्या

2014 में ऐपल ने अपना आईफोन4 पेश किया और घटाने के बाद इसका दाम था 23 हजार रुपए. यह आईओएस के एक हल्के वर्जन पर चलता था लेकिन फिर भी स्लो था. ऐपल की खूब आलोचना भी हुई कि वह चार साल पुराने आईफोन को भारत लेकर आई है और वह भी तब जब वह आईफोन6 को लॉन्च कर चुकी थी.

फिर भी कई लोगों को यह मॉडल पसंद आया और उन्होंने इसे खरीदा. ऐपल ने फरवरी 2016 में भारत में इसे बंद कर दिया. इसके बाद एंट्री हुई आईफोन 5एस की. ये एक ऐसा स्मार्टफोन है जो 2013 के लिए बहुत जबरदस्त था, लेकिन अब इसमें कई कमियां नजर आती हैं. इसमें एपल ए7 चिपसेट और एम7 मोशन प्रोसेसर है.

 

लेकिन रैम सिर्फ 1 जीबी है और किसी भी सूरत में आपको 16जीबी से ज्यादा की इंटरनल मेमोरी नहीं मिलेगी. इसके अलावा इसमें 1,560एमएएच की बैटरी है. कुल मिलाकर जो फोन आपको मिलता है वह 2017 के हिसाब काफी आउटडेटेड है. एक और बात जिसकी आपको चिंता करनी चाहिए, आईओएस 9 के बाद आईओएस की रोम की खपत बढ़ गई है.

मौजूदा ग्राहक आईओएस 10.3.1 इंस्टॉल कर सकते हैं और यह आराम से चलेगा. डुअल कोर चिप सेट के कारण यह एक साल पुराने आईफोन 6एस जितना तेज नहीं चलेगा.


देखा जाए तो आईफोनव6 एस की रफ्तार 2017 के लिहाज से ठीक ठाक है. समस्या ये भी है कि आईओएस 11 हर तरह से और हैवी होगा, आकार में नहीं बल्कि फीचर के लिहाज से, इसलिए आईओएस 11 के साथ यह और स्लो होगा. इसके अलावा इसमें थ्रीडी टच भी नहीं है.

माने या ना माने बहुत से ग्राहक आज शायद नहीं जानते हैं कि एक बार आईफोन 5एस खरीदने के बाद उन्हें कितनी जल्दी इसे बदलने जरूरत महसूस होगी क्योंकि जब तक वे आईफोन 6एस जैसा कोई हालिया मॉडल नहीं खरीदेंगे तब तक उन्हें पूरी तरह अहसास ही नहीं होगा कि आखिर आईओएस का एक्पीरियंस होता क्या है.
Apple iPhone चाहिए तो ये वाला लें

जहां तक बात आईफोन 5एस की है तो उसे न खरीदने में ही भलाई है. कारण ऊपर गिनाए जा चुके हैं. अगर ऐपल आईफोन एसई को 20 हजार रुपये की कीमत में उतारता है तो यह एक अच्छी डील हो सकती है. आईफोन एसई एक सॉलिड स्मार्टफोन है और ईमानदारी से कहूं तो अगर आप पहली बार आईओएस खरीद रहे हैं और इसे आजमाना चाहते हैं तो यह आपके लिए बढ़िया मॉडल हो सकता है.

इसमें आपको लेटेस्ट गेम मिलेंगे, यह लेटेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम पर फर्राटे से चलता है. इसमें आपको लाइव फोटो का फीचर भी मिलता है जो आईफोन 6 में भी नहीं है.

हालांकि यह उन लोगों के लिए नहीं है जो एंड्रॉयड इस्तेमाल करते रहे हैं और उन्हें बहुत सारी बैटरी चाहिए क्योंकि इसकी 1,624 एमएएच की बैटरी ज्यादा नहीं चलती भले ही इसका

4 इंच वाला छोटा सा डिस्प्ले हो जिसका रेज्योल्यूशन 1136X640 पिक्सल है और यब आपको आईओएस के ईकोसिस्टम में लेकर जाता है.