वाइब प्योर यूआई की हो गई छुट्टी, एंड्रॉयड 7.1.1 नूगा पर चलेगा K8 Note

लाइव सिटीज डेस्क : लेनोवो ने अपने वाइब प्योर यूज़र इंटरफेस को लेकर एक समझदारी भरा फैसला लिया है. दरअसल कंपनी ने जानकारी दी है कि भविष्य में वह एंड्रॉयड पर आधारित यूज़र इंटरफेस वाइब प्योर को पूरी तरह से बंद कर देगी. अभी तक लेनोवो के सभी एंड्रॉयड फोन इस यूज़र इंटरफेस के साथ आते हैं लेकिन अब से कंपनी अपने तमाम फोन्स के लिए स्टॉक एंड्रॉयड का इस्तेमाल करेगी.
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Lenovo K8 Note कंपनी का पहला स्मार्टफोन होगा जो आउट ऑफ बॉक्स एंड्रॉयड 7.1.1 नूगा पर चलेगा. इस बारे में लेनोवो एमबीजी इंडिया के प्रोडक्ट मार्केटिंग के प्रमुख अनुज शर्मा ने मीडिया को जानकारी दी है कि “पिछले 11 महीनों में हमने सॉफ्टवेयर को लेकर बहुत सोच-विचार किया. इस दौरान हम कंज़्यूमर से संपर्क में रहे और यह जानने की कोशिश की कि उन्हें क्या चाहिए. एक खास किस्म का ट्रेंड देखने को मिला. इसलिए हमने अपने फोन से वाइब प्योर यूआई को हटाने का फैसला किया है. अब आपको स्टॉक एंड्रॉयड मिलेगा जिसकी मांग ग्राहक कर रहे थे.”
इसका मतलब है कि अब मोटोरोला फोन की तरह लेनोवो के हैंडसेट भी कुछ सॉफ्टवेयर फीचर के साथ आएंगे, जैसे कि डॉल्बी एटमस जो कई सालों से लेनोवो के फोन का हिस्सा रहा है. इसके अलावा थिएटर मैक्स भी एक और खास फीचर है. इनके अलावा पहले से इंस्टॉल ऐप की संख्या कम हो जाएगी. इसकी जगह स्टॉक एंड्रॉयड ले लेगा. बता दें कि स्टॉक एंड्रॉयड, एंड्रॉयड के ओरिजनल वर्जन को कहा जाता है.
उन्होंने आगे कहा, “अब वाइब यूआई की कहानी खत्म है. भविष्य के लेनोवो हैंडसेट में पूरी तरह से स्टॉक एंड्रॉयड का अनुभव मिलेगा. बिजनेस को देखते हुए यह बहुत बड़ा बदलाव होगा.” बता दें कि लेनोवो ने भारत में स्मार्टफोन की बिक्री 2013 में शुरू की थी. कंपनी के एंड्रॉयड स्मार्टफोन वाइब यूआई पर चलते थे. पिछले साल Lenovo K6 Power के लॉन्च के साथ इस यूआई को वाइब प्योर यूआई का नाम दे दिया गया.
कंपनी अनचाहे ऐप की संख्या कम करने के लिए वाइब प्योर यूआई लाई थी. एक बार फिर ग्राहकों की मांग सुनते हुए स्टॉक एंड्रॉयड की ओर कदम बढ़ा दिया गया है. कंपनी ने इस प्रतिनिधि ने यह भी बताया कि  कस्टम बदलाव स्टॉक एंड्रॉयड की तुलना में ज़्यादा रीसोर्स की खपत करते हैं.
शर्मा ने आगे बताया, “बदलाव की प्रक्रिया लंबी थी. क्योंकि लेनोवो को उन सभी मार्केट में सामंजस्य बिठाना पड़ा जहां पर वह एंड्रॉयड फोन बेचती है. अब चीन का उदाहरण ले लीजिए, यहां कस्टम यूआई की तुलना में एंड्रॉयड बहुत लोकप्रिय नहीं है. लेकिन बदलाव के फैसले पर लेनोवो टिकी रही. भारतीय मार्केट में स्टॉक एंड्रॉयड अनुभव ज़्यादा पसंद किया जाता है.”
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