तीन तलाकः बिहार में समर्थन तो मप्र की महिला ने खून से खत लिख मांगा इंसाफ 

लाइव सिटीज डेस्क : जहां एक ओर विगत दिनों बिहार में तीन तलाक के समर्थन में मुस्लिमों ने हस्ताक्षर अभियान चलाया वहीं मध्य प्रदेश के देवास की रहने वाली एक मुस्लिम महिला ने ट्रिपल तलाक के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर को खून से पत्र लिखकर इंसाफ मांगा है. महिला ने का कहना है कि या तो उसे इस तलाक के मामले में इंसाफ दिया जाए या फिर उसे मरने की इजाज़त दे दी जाए. शबाना नाम की इस महिला का आरोप है कि उसके पति ने उसे दहेज़ के लिए प्रताड़ित किया और बाद में उसे मौखिक तलाक देकर दूसरी शादी कर ली. 

क्या है शबाना की कहानी
शबाना ने चिट्ठी में लिखा है कि नर्सिंग का कोर्स करने के बाद वह नौकरी करना चाहती है लेकिन उसका पति चाहता था कि वह खेतों में काम करे. मना करने पर मारपीट करता था और दहेज के लिए भी प्रताड़ित भी किया. उसकी शादी हाटपिपलिया के रहने वाले टीपू से 25 मई, 2011 को मुस्लिम रीति-रिवाज के साथ हुई थी. उन दोनों की एक चार साल की बेटी भी है. हालांकि टीपू ने उसे तीन बार तलाक का नोटिस भेजकर 16 नवंबर, 2016 को दूसरी शादी कर ली.



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शबाना ने सीजेआई को लिखी चिट्ठी में ऐसे कानून को खत्म करने की मांग की है, जिससे उसकी और उनकी चार साल की बेटी की जिंदगी बर्बाद होती है. शबाना ने बताया कि उसके पति ने तीन बार तलाक-तलाक कहकर तलाक दे दिया और मुझे और मेरी बच्ची को छोड़ दिया. महिला ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखे अपने पत्र में कहा कि मैं तीन तलाक के सख्त खिलाफ हूं, अब मुझे देश का जो कानून हैं, जो सबके लिए समान है, इस कानून के तहत न्याय मिले. ऐसे पर्सनल लॉ को मैं नहीं मानती, जिससे मेरी और मेरी बेटी का भविष्य खराब हो गया. मुझे अपने देश के कानून पर पूरा विश्वास है, कि मुझे और मेरी जैसी और कई बहन-बेटियों को न्याय मिले. यह मेरी लड़ाई और मेरी बच्ची और ऐसे कई बच्चों की हैं, जिन्हें इस तरह से छोड़ दिया जाता हैं.

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से की महिलाएं ट्रिपल तलाक का विरोध कर रही हैं. गाजियाबाद की एक मुस्लिम महिला ने ट्रिपल तलाक के चलते हिंदू धर्म अपनाने का फैसला किया था. महिला के पति ने ट्रिपल तलाक के बाद उसे वेश्यावृत्ति के लिए दबाव डाल रहा था. महिला ने बताया कि उसके पति ने उसे तलाक दे दिया था. बाद में निकाह हलाला के तहत उसकने अपने दोस्त के पास भेजा. तीन महीने बाद जब वह वापस लौटी तो उसका पति अपनाने से इनकार करते हुए महिला को वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर करने लगा.

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