बिहार के 16 जेलों से मुक्त हुए उम्र कैद के 113 कैदी

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फाइल फोटो

लाइव सिटीज डेस्क (शशांक सिंह) : बक्सर.बिहार के 16 जेलों में उम्र कैद की सजा काट रहें 113 कैदियों को सरकार ने मुक्त कर दिया हैं . यह कार्रवाई पटना हाईकोर्ट के आदेश पर किया गया है. सभी कैदी वास्तविक 14 वर्ष एवं परिहार लाभ का 6 वर्ष पुरा किया हैं. उम्र कैद की सजा पर सुप्रीम कोर्ट की कई राय होने के बाद कैदियों को मिलने वाले परिहार लाभ बिहार में वर्ष 2011 के बंद पड़ा था. 

कई लोग वास्तविक 14 वर्ष एवं 6 वर्ष का परिहार लाभ होने के बाद भी वर्षों से जेल में बंद पड़े थे. इसमें अधिकांश वृद्ध थे, जिनको अपने दैनिक क्रिया क्रम में भी मुश्किलें हो रहीं थी. बीते वर्ष सुप्रीम कोर्ट के संवैधानिक पीठ ने कुछ संगीन मामले को छोड़कर उम्र कैद की सजा प्राप्त कैदियों को लाभ देने पर लगाएं रोक को एक हद तक हटा लिया था. 

उम्र कैद प्राप्त सैकड़ों कैदियों ने अपने -अपने रहाई को लेकर पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार वास्तविक सजा प्राप्त 14  + 6 = 20 वर्ष पूरा होने पर मुक्त करने का आदेश दिया. पटना हाईकोर्ट के आदेश पर राज्य दंडादेश परिहार पर्षद की बैठक 7 अप्रैल 2017 की गयी थी. जिसमें बिहार के 16 जेलों में बंद उम्र कैद की सजा काटा रहे 113 कैदियों को रिहाई करने का निर्णय लिया गया. इसमें मुजफ्फरपुर केन्द्रीय कारा-20 , आदर्श केन्द्रीय कारा बेऊर-4 ,बक्सर-4 ,गया-21 ,भागलपुर दोनों जेल से-45 ,सासाराम-3 ,मोतिहारी-2 ,सुपौल-1,बिक्रमगंज-2 ,मधेपुरा-1 ,नवादा-1 ,मोतिहारी-2 ,औरंगाबाद-1 ,दरभंगा-1 ,लखीसराय-2 ,आरा मंडल कारा से 2 उम्र कैद प्राप्त को मुक्त किया गया.

बक्सर सेंट्रल जेल अधीक्षक विजय अरोरा ने बताया कि सरकार के आदेश के बाद चार कैदियों को मुक्त किया गया है. उन्होंने बताया कि सेंट्रल जेल में बंद श्रीभगवान सिंह को सरकार ने मुक्त किया है. लेकिन उसपर अन्य मामले होने के चलते उसे जेल मे ही रहना पड़ेगा. वहीं ओपन जेल से तीन कैदियों को मुक्त किया गया है.

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