पिता को साइकिल पर बिठाकर दरभंगा पहुंचाने वाली बेटी का होगा सम्मान, जिला प्रशासन ने ली सुध

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: वो कहते हैं ना कि जब जज्बा हो तो इंसान कुछ भी कर सकता है. कुछ ऐसा ही कर दिखाया है दरभंगा कि रहने वाली ज्योति ने. लॉक डाउन में गुरुग्राम में फंसे पिता को साइकिल पर बिठाकर ज्योति ने दरभंगा पहुंचा ही दिया. ज्योति ने आज के इस दौर में दिखा दिया वह भी श्रवन कुमार से कुछ कम नहीं है. ज्योति के इसी जज्बे को दरभंगा जिला प्रशासन सलाम करता है और सम्मान देने कि घोषणा कर चुका है.

दरअसल मिथिलांचल की इस बेटी ज्योति ने अपनी साइकिल पर पिता को बिठाकर हरियाणा (Haryana) के गुरुग्राम से एक हजार किलोमीटर से ज्यादा की दूरी सात दिन में तय की. वह एक दिन में 100 से 150 किलोमीटर अपने पिता को ही पीछे कैरियर पर बिठाकर साइकिल चलाती थी. जब कहीं ज्यादा थकान होती तो सड़क किनारे बैठ कर ही थोड़ा आराम कर लेती थी. रास्ते में कई तरह की परेशानियां हुईं ,लेकिन हर बाधा को ज्योति बिना हिम्मत हारे पार करती गयी.

दरभंगा केDM ने छोटी बच्ची के बुलंद हौसले को देखते हुए उसे निकट भविष्य में कुछ न कुछ करने का अश्वासन दिया है. पिता और उनकी बेटी को क्वारंटााइन  में रखा गया है. जैसे ही उनकी 14 दिनों का क्वारंटाइन अवधि समाप्त होगी उन्हें कुछ न कुछ सरकारी तौर पर अलग से मदद पहुंचाई जायेगी.