कुछ सालों बाद पेट्रोल पंप पर अगर बाइक में हाइड्रोजन डाल दे तो चौंकिएगा नहीं !

लाइव सिटीज डेस्क : कुछ सालों के बाद पेट्रोल पंप पर अगर आप जाएं वहां बाइक में पेट्रोल या डीजल की जगह हाइड्रोजन दे दे तो चौंकिएगा नहीं . 2023 तक ऐसा ही होने वाला है. ऐसा हम नहीं कह रहे हैं यह कहना है भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के पूर्व निदेशक अशोक सिन्हा का. अशोक सिन्हा आइआइटी के पूर्व छात्र सम्मेलन में शिरकत करने के लिए कानपुर पहुंचे थे.

अशोक सिन्हा कई वर्षों से इस पर शोध कर रहे हैं. वे 1973 बैच के पासआउट हैं. उन्होंने सम्मलेन में iit के पूर्व छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि 2050 तक पेट्रोल व ईंधन हमारे पास तो रहेगा, लेकिन यह बढ़ेगा नहीं. इसकी जगह सौर ऊर्जा धीरे-धीरे लेता जा रहा है. वहीं इलेक्ट्रिकल वाहन बनने से अब ईंधन की जगह बिजली विकल्प बन गया है. भविष्य में ईंधन के क्षेत्र में सबसे बड़ी क्रांति हाइड्रोजन ईंधन की होगी.

हाइड्रोजन से चलने वाले वाहनों में हाइड्रोजन संपीड़ित (कंप्रेस्ड) अवस्था में होता है और यह हवा मे मौजूद ऑक्सीजन से मिलकर बिजली उत्पन्न करता है. इस बिजली का इस्तेमाल मोटर को चलाए रखने वाली बैट्री को चार्ज करने में किया जा सकता है.

ऑटोमोबाइल निर्माताओं का भी मानना है है कि आने वाले समय में हाइड्रोजन ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा. वहीं दूसरा प्रश्न ऊर्जा भंडारण का है जिसके लिए आइआइटी की ओर देश की निगाहें टिकी हुई हैं. हाइड्रोजन गैस से चलने वाली दुनिया की पहली ट्रेन, धुएं की जगह निकलता है सिर्फ भाप और पानी

अशोक सिन्हा ने बताया कि वर्तमान समय में इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ भी फिलहाल कई मुश्किलें हैं. एक मुश्किल तो यही है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की बैट्री बहुत भारी होती है। वहीं लीथियम की मांग भी उपलब्धता की तुलना में कहीं अधिक है. लीथियम का आधिकाधिक भंडारण तो चीन के पास है.

ब्रिटिश टेलीकॉम के भारत व साउथ ईस्ट एशिया के पूर्व सीईओ व एमडी एवं अरुण सेठ ने बताया कि 5 जी पर तेजी से काम हो रहा है। पांच साल में यह तकनीक हमारे सामने होगी और मोबाइल व इंटरनेट की तेज रफ्तार जीवन बदल देगी.

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